मिड डे मील घोटाले का आरोपी चंद्रकांत शर्मा 36 लाख रुपये के गबन में जेल जा चुका है। तत्कालीन जिलाधिकारी ने वर्ष 2014 में अपने स्तर से कराई विभागीय जांच में भवन निर्माण एवं अन्य अनियमितताओं में उसे दोषी पाया गया था। वहीं 11.46 करोड़ रुपये के घोटाले में भी चंद्रकांत शर्मा सारस्वत आवासीय शिक्षा सेवा समिति में सुनील बनकर मिड डे मील की करोड़ों की रकम निकालता रहा। जिम्मेदार अधिकारी बेखबर बने रहे। अब इतने बड़े घोटाले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर भी कार्रवाई का फंदा कस सकता है। मिड डे मील की रकम को आगरा के हींग की मंडी स्थित एक्सिस बैंक की शाखा, सिंडीकेट बैंक बोदला, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, कारपोरेशन बैंक आवास विकास कालोनी, डाकघर अछनेरा व सिकंदरा में सांठगांठ करके अपने, पत्नी और बच्चों के नाम से खाते खोलकर जमा करा दिए।
पत्नी के नाम से खरीदा व्यावसायिक भूखंड
जांच में पता चला कि चंद्रकांत शर्मा ने आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर चार में वर्ष 2014 में व्यावसायिक भूखंड खरीदा। इसे हज्जूपुरा, ताजगंज निवासी राजकमल शर्मा से पत्नी के नाम पर लिया। इस पर निर्मित भवन का स्वीकृत नक्शा भी राजकमल के नाम पर है।