आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी कैंपस में मंगलवार को डिवाइस के जरिए नकल करते पकड़े गए एमबीबीएस के छात्रों ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें सवालों के जवाब केंद्र के बाहर से उनके सीनियर साथी दे रहे थे। इसके लिए पहले से तैयारी की गई थी। डिवाइस ऑनलाइन मंगाई थी। ये सभी चीन निर्मित डिवाइस हैं। परीक्षा शुरू होने से पहले ही नकल का इंतजाम कर लिया था।
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नकल के मामले में जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि सभी छात्रों से गहनता से पूछताछ हुई है। इसमें पता चला है कि इन छात्रों ने हाईटेक नकल का इंतजाम सीनियर साथियों के साथ मिलकर किया। ये छात्र एमबीबीएस अंतिम वर्ष (पार्ट वन) के हैं। इन्होंने सीनियर से मदद मांगी थी। तरीका इन्होंने ही उन्हें बताया था।
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नकल के मामले में जांच करती पुलिस
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सीनियर छात्रों के राजी हो जाने के बाद ही ऑनलाइन चीन निर्मित डिवाइस मंगाई गई। कई वेबसाइट पर इस तरह की डिवाइस मौजूद हैं। एक छात्र ने पुलिस को बताया कि उन्होंने मोबाइल स्क्रीन पर ब्लू टूथ डिवाइस देखी। इनका ऑर्डर सबने अलग अलग दिया। कॉलेज में ही इसका अभ्यास किया गया। एक कमरे में बैठकर सीनियर को बाहर बिठाया गया। फिर डिवाइस के माध्यम से बातचीत की गई।
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छात्रों के पास से मिली चीनी डिवाइस
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सात के पास डिवाइस, तीन पर मोबाइल मिले
एसपी सिटी ने बताया कि सात छात्रों के पास डिवाइस मिले हैं। तीन छात्रों की जेब में मोबाइल मिले हैं। प्रत्येक के मामले की अलग-अलग जांच की जा रही है। यह भी मालूम किया जा रहा है कि इसके पीछे कोई रैकेट तो नहीं है। सभी छात्रों को नोटिस जारी किया जाएगा।
एमबीबीएस की परीक्षा में नकल करते पकड़े गए छात्र
- फोटो : अमर उजाला
पकड़े जाते ही बोले-पहली गलती है, माफ कर दो
छात्रों के पास डिवाइस मिलते ही वे हाथ जोड़कर कक्ष निरीक्षक से बोले, पहली गलती है, माफ कर दो। कक्ष निरीक्षक ने अधिकारियों को जानकारी दे दी थी। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद और सीओ हरीपर्वत सौरभ दीक्षित भी पहुंच गए थे। छात्रों ने उनसे कहा कि पहली बार नकल की कोशिश की थी, अब कभी नहीं करेंगे। एसपी सिटी ने विवि अधिकारियों से कहा कि तहरीर दे दीजिए, पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।