मथुरा में बुलियन कारोबारी नीरज अग्रवाल के 10 वर्षीय पुत्र शौर्य की मौत के बाद बिसावर परिवार की उम्मीदें तो टूटी ही हैं, वहीं इस मामले का खुलासा करना अब पुलिस के चुनौती से कम नहीं है। क्योंकि मासूम शौर्य ही अपने मां-बाप और छह वर्षीय बहन की मौत का एकमात्र चश्मदीद था। पीड़ित परिवार को अब पुलिस की जांच के भरोसे रहते हुए घटना के खुलासे का इंतजार करना पड़ेगा। अगली स्लाइड्स मे पढ़िए पूरा घटनाक्रम...
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इसी कार में मिले तीनों के शव
- फोटो : अमर उजाला
एक जनवरी की सुबह यमुना एक्सप्रेसवे के वृंदावन कट के समीप कार में बुलियन कारोबारी नीरज अग्रवाल, पत्नी नेहा अग्रवाल और छह वर्षीय बेटी धान्या के शव मिले थे। बेटा शौर्य घायल था। चारों के सिर में गोली लगी हुई थी। घायल शौर्य को पहले मथुरा में भर्ती कराया गया, जहां से उसे दिल्ली के अपोलो अस्पताल में रेफर कर दिया गया था। चार दिन बाद शनिवार और रविवार रात को 1.20 मिनट पर शौर्य ने दम तोड़ दिया।
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शौर्य का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
मासूम शौर्य की मौत के बाद बिसावर परिवार सकते में आ गया है। एकमात्र शौर्य ही हकीकत से पर्दा हटा सकता था कि 31 दिसंबर की रात क्या हुआ था। शौर्य के जिंदा रहते हुए इस मामले की सच्चाई उजागर हो सकती थी। बिसावर परिवार को अब पुलिस जांच के भरोसे ही खुलासे का इंतजार करना होगा।
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नीरज अग्रवाल के पिता व अन्य परिजन
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस इस मामले को आत्महत्या मान रही थी, लेकिन नीरज के साले अमित अग्रवाल ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। मामले में महाविद्या कॉलोनी निवासी मनीष चतुर्वेदी व आशीष चतुर्वेदी, गुरुकृपा एंक्लेव कृष्णा नगर निवासी आशीष अरोड़ा, रतनकुंड निवासी नीरज कुमार नामजद किए गए हैं। शौर्य की मौत के बाद अब पुलिस की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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परिवार के साथ बुलियन कारोबारी नीरज अग्रवाल (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
बुलियन कारोबारी और उसके परिवार की मौत का सच जानने के लिए पुलिस को अब अपनी जांच का दायरा बढ़ाने के साथ ही तेजी भी लानी पड़ेगी। ऐसा इसलिए कि पुलिस ने इस हत्याकांड को शुरू से काफी हल्के में लिया था। सीओ सदर रमेश तिवारी ने बताया कि हर पहलू पर जांच की जा रही है। जल्द ही जांच के बाद कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
एसएसपी शलभ माथुर ने घटना की जांच के लिए जो टीम बनाई है, उसमें थाना जमुनापार प्रभारी निरीक्षक राजित वर्मा, इंस्पेक्टर सदुवनराम गौतम, इंस्पेक्टर सूरज प्रकाश शर्मा और बंगालीघाट चौकी प्रभारी हैं। इन सभी को जांच पूरी करने के बाद ही जल्द रिपोर्ट सौंपनी है। वहीं कार से मिले साक्ष्यों को आगरा की फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।