यूपी के मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर घने कोहरे में भीषण सड़क हादसा हुआ। बलदेव स्थित माइलस्टोन 127 के पास सात डबल डेकर और एक रोडवेज सहित आठ बसों और तीन कारों में टक्कर के बाद आग लग गई। आठों बसें जलकर राख हो गईं। हादसे में 13 यात्रियों की मौत हो गई, इनमें से अधिकांश जिंदा जल गए और 100 से अधिक घायल हैं।
मथुरा में एक्सप्रेस वे माइल स्टोन 127 पर हुए भीषण हादसे को नजदीकी से देखने वालों की रूह कांप उठीं। जिंदगी बचाने की जद्दोजहद में बसों के शीशे तोड़कर कूदते लोगों के चेहरों पर दहशत तैर रही थी। इसी बीच एक बस में तेज धमाका हुआ तो लगा मानो बम फट गया हो।
इसके बाद लपटें उठती नजर आईं। बसों में आग की लपटों के बीच फंसे यात्रियों की चीखों से कलेजा कांप उठा। धू-धू करती गाड़ियों में चीखें ही सुनाई आ रही थीं। किसी की हिम्मत जलती बसों के पास जाने की नहीं हो रही थी।
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लखनऊ से दिल्ली जा रहे डबल डेकर बस के चालक अमित शर्मा यह बताते हुए जमीन पर बैठ जाते हैं। उनकी बस सबसे आखिरी में जाकर टकराई थी, जिससे अगला शीशा टूट गया, लेकिन सवारियां सुरक्षित थीं। उन्होंने बताया कि तेज धमाके से लगा मानो बम फट गया हो। लेकिन इसके चंद मिनटों के बाद ही आगे की ओर की बसों से आग की लपटें उठती नजर आईं।
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लोग बसों की खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकले
चारों तक अफरा तफरी और चीखपुकार मची हुई थी। लोग बसों की खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकलने की जद्दोजहद में लगे थे। इस कोशिश में कई के कांच घुस गए मगर जान बचाने के लिए वह इसकी परवाह नहीं कर रहे थे। बसों से बाहर आए बच्चे बेतहाशा रोए जा रहे थे, लेकिन उन्हें चुप कराने की फुर्सत किसी पर नहीं थी। हमने भी कई यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की।
दर्द, चीखें और रुदन
काफी देर तक घायल सड़क पर इधर, उधर पड़े कराहते रहे। कोई अपनों को तलाश रहा था तो कोई घायल पत्नी को ढांढस बंधाने में लगा था। दर्द, चीखें, रुदन के बीच किसी का ध्यान बस में फंसे उन अभागे लोगों की तरफ नहीं गया जोकि आग की लपटों में पूरी तरह घिर चुके थे। जलती बसों से चीखें सुनकर कुछ लोग दौड़े मगर फिर से धमाका हुआ तो अपनी जान बचाने को वापस दौड़ पड़े।
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स्थानीय निवासी भगवान दास भी इस अफरा तफरी के बीच पहुंचे तो उन्हें कुछ देर तक समझ नहीं आया कि किसकी मदद करें, बसें आग पकड़ चुकी थीं, घायल कराह और चिल्ला रहे थे। मदद करने वाले हाथ कम थे, सांत्वना देने वाले कंधे भी वहां नहीं थे। इस आपाधापी के बीच मौत का तांडव चल रहा था, बसों में जिंदगियां खाक हो रही थीं। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंचीं तब तक सब कुछ स्वाहा हो चुका था।
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एसी के कंप्रेसर फटने से आग लगने की आशंका
बलदेव में हुई दुर्घटना के बाद वाहनों में आग लगने के कारणों की जानकारी करने में प्रशासन जुट गया है। वहीं दूसरी ओर आग लगने के पीछे एसी बसों के कंप्रेसर फटने की आशंका जताई जा रही है।
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मंगलवार की तड़के यमुना एक्सप्रेस वे पर एक के पीछे एक वाहन टकरा गए। इसके चलते बसों में आग लग गई। बसों में आग लगने का कारण जानने के लिए प्रशासन ने विशेषज्ञों की मदद लेना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार आग लगने के पीछे बसों में लगे एसी के कंप्रेसर फटने और उसमें से निकली गैस हो सकती है। हालांकि आग लगने का सही कारण जांच के बाद ही पता चलेगा, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि आग लगने के पीछे एसी बसों के कंप्रेसर और सीएनजी सिलिंडरर फटना हो सकता है।
20 मिनट में हुए 3 धमाके, दुर्घटना के 15 मिनट बाद लगी आग
यमुना एक्सप्रेस पर 20 मिनट में 3 धमाके के बाद वाहनों में सवार यात्रियों में चीख पुकार मच गई। घायल और उनके परिजन सहायता के लिए इधर-उधर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तड़के सभी नींद के आगोश में थे। अचानक तेज आवाज के साथ एक बस रुकी।
यात्री कुछ समझ पाते इससे पहले ही पीछे आ रहे वाहन एक के बाद एक दूसरे में घुसते चले गए। कुछ लोग वाहनों से नीचे उतरने में सफल रहे, लेकिन 13 लोग ऐसे थे जो कि बसों से नीचे नहीं उतर पाए और मौत के आगोश में समा गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दुर्घटना के 15 मिनट बाद वाहनों में आग लगने का सिलसिला शुरू हुआ जो कि सुबह तक चलता रहा।
छह सदस्यीय टीम करेगी घटना की जांच, 48 घंटे में सौंपेगी रिपोर्ट
मथुरा जिला प्रशासन ने हादसे की बिंदुवार जांच के लिए छह सदस्यीय समिति गठित की है। यह समिति घटना का मुख्य कारण क्या रहा, कैसे वाहनों में आग लगी है, इसकी जांच करेगी। समिति 48 घंटे में अपनी जांच रिपोर्ट डीएम चंद्रप्रकाश सिंह को सौंपेगी।
प्रशासन द्वारा जारी पत्र में बताया कि एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार के नेतृत्व में एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अजय सिंह और एआरटीओ प्रवर्तन राजेश राजपूत की टीम गठित की गई। समिति में यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण के परियोजना महाप्रबंधक राजेंद्र सिंह भाटी और जेपी इंफ्रा लिमिटेड महाप्रबंधक (ऑपरेशन) आनंद सिंह को भी शामिल किया गया है। यह समिति घटना की बिंदुवार जांच करेगी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या कार की पेट्रोल टंकी फटने से आग लगी या फिर एसी बसों के कंप्रेसर फटने से बसें धू-धूकर जलने लगीं। फिलहाल यह जांच का विषय है। समिति जांच करके 48 घंटे के अंदर अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी।
हादसे की टाइमलाइन
3.33 बजे यमुना एक्सप्रेस-वे के माइलस्टोन 127 के पास हादसा हुआ
4:00 बजे के करीब राहगीर व प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को सूचना दी।
4.15 बजे बलदेव थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची।
4.30 बजे अग्निशमन दल और एसपी देहात मौके पर पहुंचे।
4.35 बजे अग्निशमन दल ने रेस्क्यू शुरू किया।
4.45 बजे अग्निशमन की अन्य गाड़ियां मौके पर पहुंची।
5:00 बजे घटनास्थल पर करीब 13 एंबुलेंस पहुंची।
5.15 बजे घायल व अधजलों को विभिन्न अस्पतालों के लिए भेजा गया।
7:00 बजे डीएम व एसएसपी घटनास्थल पर पहुंचे।
8.34 बजे सीएम योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख जताया।
9:45 बजे मंडलायुक्त व डीआईजी मौके पर पहुंचे।
10:20 बजे 17 पॉलीथिन में भरकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
10:25 पर एडीजी जोन आगरा घटनास्थल पर पहुंची।
10.35 बजे रेस्क्यू खत्म हुआ, एक्सप्रेस-वे पर वाहनों का आवागमन शुरू हुआ।
12.30 बजे हादसे की जांच के लिए समिति गठित की।
12.45 बजे पीएम मोदी ने घटना पर दुख जताया।
2.39 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हादसे पर दुख जताया।
मथुरा में एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा: 12 बसों और तीन कारों में टक्कर
मथुरा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तड़के घने कोहरे में बलदेव स्थित माइलस्टोन 127 के पास सात डबल डेकर और एक रोडवेज सहित आठ बसों और तीन कारों में टक्कर के बाद आग लग गई। आठों बसें जलकर राख हो गईं। चार अन्य डबल डेकर बसें क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में 13 यात्रियों की मौत हो गई, इनमें से अधिकांश जिंदा जल गए और 100 से अधिक घायल हैं।
कई यात्री बसों में ही जल गए, उन्हें पहचानना मुश्किल है। इनकी शिनाख्त के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। दमकल की 15 गाड़ियों ने दो घंटे में आग पर बमुश्किल काबू पाया। घायलों को मथुरा, वृंदावन और आगरा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को दो-दो लाख और सीएम ने घायलों को 50-50 हजार देने की घोषणा की है।