मैनपुरी लोकसभा सीट के लिए सियासी संग्राम हो रहा है। सपा के गढ़ माने जाने वाले मैनपुरी में किसी भी सूरत में भाजपा उपचुनाव में कमल खिलाना चाहती है। वहीं सपा के लिए भी इस सीट के बचाना बड़ी चुनौती है। मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद यहां उपचुनाव हो रहा है। इसमें सपा की ओर से डिंपल यादव प्रत्याशी हैं तो भाजपा ने पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं बसपा और कांग्रेस ने प्रत्याशी उतारने से हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में मुख्य मुकाबला सपा और भाजपा के बीच ही माना जा रहा है। एक तरफ सपा ने जहां डिंपल यादव के चुनाव प्रचार के लिए स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है, तो वहीं भाजपा ने प्रदेश सरकार के छह मंत्रियों को उपचुनाव की जिम्मेदारी दी है।
मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव जीतने के लिए भाजपा ने प्लान तैयार किया है। प्रदेश सरकार के मंत्री लोकसभा क्षेत्र में रहकर मतदाताओं को डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां गिनाकर भाजपा प्रत्याशी रघुराज सिंह शाक्य को जिताने की रणनीति बनाएंगे।
विज्ञापन
3 of 5
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण।
- फोटो : amar ujala
भाजपा ने प्रदेश सरकार के मंत्री अजीत पाल, राकेश सचान, असीम अरुण, प्रतिभा शुक्ला, जयवीर सिंह, संदीप सिंह को मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी रघुराज सिंग शाक्य को जिताने की जिम्मेदारी दी है।
4 of 5
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
- फोटो : अमर उजाला
लोकसभा उपचुनाव सपा और भाजपा के लिए प्रतिष्ठा बन चुका है। मुलायम सिंह यादव की गैर मौजूदगी में होने वाले पहले चुनाव को भाजपा जहां हर हाल में जीतना चाहती है। वहीं सपा के सामने 1996 से लगातार कब्जे वाली सीट को बचाए रखने की चुनौती है।
डिंपल यादव के लिए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव स्वयं मैदान में उतर चुके हैं। सपा के कई बड़े नेता भी मैनपुरी में डिंपल यादव को जिताने के लिए डेरा जमा चुके हैं।