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UP: यमुना मचा रही तबाही...ढह गई महालक्ष्मी मंदिर की दीवार, सड़कों से लेकर घर तक जलमग्न; खौफनाक तस्वीरें

Tue, 09 Sep 2025 02:07 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

यमुना में आई बाढ़ के पानी से सोमवार शाम को बल्केश्वर स्थित महालक्ष्मी मंदिर की दीवार ढह गई। जिस समय हादसा हुआ, उस समय बड़ी संख्या में लोग दीवार के पास खड़े थे और मंदिर के गर्भगृह में जा रहे थे।
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यमुना मचा रही तबाही - फोटो : संवाद
आगरा के बल्केश्वर स्थित महालक्ष्मी मंदिर की दीवार के यमुना के किनारे पर है। बाढ़ की वजह से दीवार के पास पानी की गहराई 15 फीट तक है। मंदिर के गर्भगृह में जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई हैं। मंदिर की तरफ जाने वाले रास्ते पर बनी दीवार पर लोग खड़े हुए थे। कुछ लोग मोबाइल से वीडियो और फोटो बना रहे थे तो कुछ आरती में जाने की तैयारी कर रहे थे। तभी तेज आवाज आई और चीखपुकार मच गई। कुछ लोग घायल हालत में बाहर की तरफ आए। मैं घबरा गई। यह कहना था मंदिर में परिसर में ही कमरे में रहने वाली गुड्डी देवी का। हादसे के बाद पुलिस को उन्होंने घटना की जानकारी दी।

गुड्डी देवी ने बताया कि वह काफी साल से परिवार सहित मंदिर परिसर में रह रही हैं। उनका बेटा रवि सेवा कार्य करता है। शाम को आरती के समय वह अपने कमरे के बाहर बैठी हुई थीं। तभी तेज आवाज सुनकर घबरा गईं। उन्हें लगा कि मंदिर के निचले हिस्से में बना कमरा ढह गया है। लोग भागते हुए बाहर की तरफ जा रहे थे। यह देखकर वो दूर जाकर खड़ी हो गईं। बाद में स्थानीय लोग पहुंचे। तक नजदीक जाकर देखा तो मंदिर जाने वाले रास्ते की तकरीबन 20 फीट ऊंची दीवार ढह गई थी। सूचना पर डीएम अरविंद एम बंगारी समेत अन्य अधिकारी पहुंच गए। एनडीआरएफ की टीम ने तलाशी अभियान चलाया, लेकिन मलबे या नदी में कोई नहीं मिला।

 
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महालक्ष्मी मंदिर की दीवार - फोटो : संवाद
यमुना किनारे पर खड़े होकर सेल्फी लेते हैं लोग
स्थानीय निवासी ऋषि अग्रवाल ने बताया कि जानकारी मिलने पर तुरंत माैके पर आ गए थे। ऐसा लग रहा था कि कई लोग मलबे में दबे हैं। वहीं पानी में बहने की भी आशंका थी। कुछ ही देर में पुलिस पहुंची। इसके बाद रस्सी लगा दी गई। मंदिर का गेट भी बंद कर दिया गया। अंदर किसी को भी आने नहीं दिया जा रहा था। गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम ने तीन घंटे तक तक तलाश की, लेकिन कोई नहीं मिला है। आम दिनों में मंदिर की दीवार के सहारे लोग बैठकर सेल्फी लेते हैं। यमुना में पानी अधिक होने की वजह से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे थे। पानी की वजह से दीवार कमजोर होने की वजह से हादसा हो गया। अगर पहले से सुरक्षा के इंतजाम होते तो हादसा नहीं होता।
 
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बल्केश्वर मार्ग पर लग गया जाम - फोटो : संवाद
बल्केश्वर मार्ग पर लग गया जाम
मंदिर के अंदर हादसे की जानकारी पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग गेट के पास आ गए। इससे बल्केश्वर मार्ग पर जाम लग गया। पुलिस ने पहुंचकर लोगों को हटाया। जिनके घर से परिवार के लोग आए थे। वो भी पहुंच गए। हालांकि किसी ने अपने किसी व्यक्ति के लापता होने की बात नहीं कही।
 

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हादसे के बाद मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी - फोटो : संवाद
मंदिर में आज से नहीं मिलेगा श्रद्धालुओं को प्रवेश
महालक्ष्मी मंदिर में जिस समय हादसा हुआ, उस समय गर्भगृह में आरती चल रही थी। उस समय काफी श्रद्धालु भी माैजूद थे। लोगों का कहना था कि हादसा बड़ा हो सकता था। गनीमत रही कि दीवार गिरी। नीचे बना कमरे की दीवार को भी नुकसान हो सकता था। इससे कई लोग चपेट में आ सकते थे। मंदिर के ट्रस्टी तुषार कपूर ने बताया कि बाढ़ को देखते हुए श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया गया है। अब सिर्फ पुजारी ही आरती करने आएंगे। इसके अलावा किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
 
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मंदिर का मार्ग किया गया बंद - फोटो : संवाद
सीढ़ियों के पास पड़ी चप्पल कोई लेने नहीं आया
गर्भगृह में जाने के लिए बनी सीढि़यों पर घटना के बाद चप्पल रखी मिलीं। इन्हें काफी देर तक कोई लेने नहीं आया। अनुमान है कि डर की वजह से लोग बिना चप्पल पहने चले गए। इसके बाद गर्भगृह की सीढ़ियों पर टिनशेड लगा दिया गया, जिससे कोई अंदर न जा सके।
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ताजमहल - फोटो : संवाद
स्मारकों के लिए खतरा 
वॉटर वर्क्स पर यमुना जलस्तर सोमवार शाम सात बजे 501.1 फीट था, जो बाढ़ के निशान (499 फीट) से 2.1 फीट ऊपर था। आखिरी बार 1978 में जलस्तर 508 फीट तक पहुंचा था। सोमवार को यमुना की बाढ़ में एक तरफ आबादी व खेत-खलिहान डूब गए। दूसरी तरफ संरक्षित स्मारकों के लिए भी खतरा खड़ा हो गया है। 
 
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घरों में घुसा बाढ़ का पानी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
24 घंटे में और बढ़ेगा यमुना का जलस्तर
सोमवार को मथुरा स्थित गोकुल बैराज से 1.60 लाख क्यूसेक पानी आगरा की तरफ प्रवाहित हो रहा है। ऐसे में अगले 24 घंटे में जलस्तर और बढ़ेगा। बाढ़ विकराल रूप ले सकती है। सोमवार शाम 7 बजे तक दयालबाग में मां गौरी टाउन, तनिष्क, राजश्री अपार्टमेंट, लोहिया नगर, ओपी स्कूल गली, अनुराग नगर, मोती महल, गांधी स्मारक, शंभूनाथ कॉलोनी आदि में पानी भरने से संपर्क कट गया है।

 
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यमुना किनारा मार्ग - फोटो : संवाद
10 मिनट की दूरी दो घंटे में हो रही पूरी
आगरा में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ने से कई इलाकों में पानी भर गया है। कॉलोनियों से लेकर सड़कें तक जलमग्न हो गई हैं। पानी भरने से पुराने शहर में प्रतिदिन जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है। रविवार देर रात में हाथी घाट पर मार्ग के दोनों ओर बाढ़ का पानी भर गया। जलभराव होने पर सोमवार सुबह से ही यमुना किनारा मार्ग पर जाम की समस्या हो गई। लोगों को दस मिनट की दूरी तय करने में दो घंटे से अधिक समय लगा।

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