शारदीय नवरात्र का महापर्व बुधवार से प्रारंभ हो रहा है। घरों में मां दुर्गा की चौकी सजाई जाएगी तो वहीं शहर भर में दुर्गा पंडालों में नौ दिन तक माता रानी की आराधना होगी। मंगलवार को श्रद्धालु तैयारियों में जुटे रहे तो मंदिरों में भी नवरात्र को लेकर विशेष तैयारियां चलती रहीं।
मंदिरों में सजावट की गई तो वहीं राजा की मंडी स्टेशन स्थित मां चामुंडा मंदिर में भव्य आयोजन की रूपरेखा तय की गई। इस मंदिर में नौ दिन तक माता वैष्णो रानी का दरबार सजेगा। कृत्रिम गुफा का निर्माण किया गया है जहां माता वैष्णो देवी मंदिर कटरा जम्मू का एहसास भक्तों को होगा।
दैनिक यात्री संघ के सदस्यों ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि यहां करीब 70 फुट लंबी गुफा का निर्माण किया गया है। गर्भजून गुफा और अमरनाथ की झांकी भी सजाई जाएगी। इस अवसर पर पोला भाई, सुभाष गुप्ता, आशू जैन, प्रदीप शर्मा, अरविंद उपाध्याय, जितेंद्र परिहार, निक्कू पंडित, राजा शर्मा आदि मौजूद रहे।
घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
आचार्य हरिकृष्ण पाराशर ने बताया कि निर्णय सागर पंचांग के अनुसार माता की चौकी और घट स्थापना का शुभ मुहूर्त लाभ बेला में सुबह 6 बजे से 7.30 बजे तक और अमृत बेला का समय सुबह 7.30 से 9 बजे तक और उसके बाद 10.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक शुभ मुहूर्त है।
ऐसे करें घट स्थापना
घट स्थापना से पहले जिस स्थान पर कलश और माता रानी की चौकी स्थापित की जा रही है। उस स्थान को गंगाजल से पवित्र कर लें। उसके बाद माता की
चौकी बिछाएं और उस पर लाल कपड़ा बिछाएं। माता की प्रतिमा स्थापित करें। एक कलश में जल भरकर उसमें सुपारी, एक रुपया, बताशा डालें और ऊपर से ढक्कन लगा दें। कलश पर स्वास्तिक बनाएं। लाल कपड़े से लपेटकर उस पर नारियल रखें।
माता का आह्वान करें और विधि विधान से पूजन करें। धूप, दीप, पुष्प अर्पित कर माता को भोग लगाएं। दुर्गा सप्तसती या दुर्गा चालीसा का पाट करें। नौ दिन तक माता की आराधना करें। यदि व्रत करते हैं तो नियम पूर्वक संकल्प लेकर माता रानी के व्रत और करें अष्टमी या नवमी को कन्याओं को भोज कराएं।