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ताजमहल के रॉयल गेट पर फिर नजर आएगा 110 साल पुराना लैंप, जानिए इसका इतिहास

Sun, 09 Dec 2018 03:54 PM IST
अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला, आगरा
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ताजमहल - फोटो : getty
ताजमहल में प्रवेश करते ही रॉयल गेट पर फिर से लार्ड कर्जन का भेंट किया गया लैंप नजर आएगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने 110 साल पहले ताजमहल में लगाए गए ब्रास के लैंप को फिर से लगाने की कवायद शुरू कर दी है। 
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ताजमहल के रॉयल गेट पर फिर नजर आएगा 110 साल पुराना लैंप, जानिए इसका इतिहास

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ऐतिहासिक लैंप - फोटो : अमर उजाला
ब्रिटिश वायसराय लार्ड कर्जन की ओर से ताज में दो लैंप भेंट किए गए थे, इनमें से तीन साल पहले 2015 में रॉयल गेट का लैंप नीचे गिर पड़ा था। इस बार दोहरी सुरक्षा के साथ शुक्रवार को इस लैंप को लगा दिया जाएगा।
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ऐतिहासिक लैंप
एएसआई ने ताजमहल में रॉयल गेट पर शुक्रवार को लैंप लटकाने की कवायद शुरू कर दी। शुक्रवार को ताज बंदी के दौरान रॉयल गेट में स्टील की चेन बांधी गई है, जिसके साथ स्टील का ही मोटा तार भी लगाया गया है। चेन के साथ इस लैंप को तार से भी बांधा जाएगा, ताकि दोहरी सुरक्षा हो सके। किसी एक के टूटने पर यह भारी लैंप नीचे न गिर सके।

ताजमहल के रॉयल गेट पर फिर नजर आएगा 110 साल पुराना लैंप, जानिए इसका इतिहास

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कब्रों के ऊपर टंगा ऐतिहासिक लैंप
तत्कालीन वायसराय लार्ड कर्जन ने ताजमहल का न केवल रखरखाव कराया, बल्कि इसके बागीचों और गुंबद का संरक्षण भी कराया। 1908 में उन्होंने मिस्र में विशेष रूप से डिजाइन किए गए ब्रास के दो लैंप ताजमहल के लिए बनवाए। इनमें से एक रॉयल गेट पर और दूसरा मुख्य गुंबद में शाहजहां-मुमताज की कब्र के ठीक ऊपर लगाया गया था। इस डिजाइन का लैंप मिस्र की राजधानी काइरो की मस्जिद में लगा हुआ है। इसे देखकर ही कर्जन ने मिस्र से ताज के लिए खासतौर पर लैंप बनवाया।
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ऐतिहासिक लैंप
ब्रास के बने लैंप पर कई डिजाइन हैं जो गंदगी के कारण छिप गई थीं। एएसआई केमिकल ब्रांच ने इसकी सफाई की है, जिसके बाद यह लैंप चमक उठा है और हर एक डिजाइन साफ नजर आ रही है। चार फुट ऊंचे इस लैंप का एक हिस्सा गिरने से दब गया था, वह ठीक भी किया गया है। ब्रिटिश काल में आगरा में बिजली आने के बाद इन लैंप में बल्ब लगाए गए, जिसकी रोशनी से मुख्य गुंबद का अंधेरा दूर हो गया।
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