17वीं लोकसभा में एटा सीट पर कल्याण सिंह के बेटे और वर्तमान सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू ने फिर से जीत का परचम लहराया है। एटा-कासगंज सीट पर सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी कुं.देवेंद्र सिंह यादव को उन्होंने पराजित किया। कांग्रेस ने यहां राष्ट्रीय जन अधिकार पार्टी के उम्मीदवार को अपना समर्थन दिया था।
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राजवीर सिंह अपने पिता कल्याण सिंह के साथ (फाइल फोटो )
- फोटो : अमर उजाला
राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया ने एटा-कासगंज सीट से एक लाख 24 हजार वोटों से विजयश्री प्राप्त की। भाजपा को 54.94 प्रतिशत वोट मिले, जबकि गठबंधन को 41.9 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। इस सीट पर समाजवादी पार्टी से कुंवर देवेंद्र सिंह यादव मैदान में थे।
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राजवीर सिंह की जीत पर मिठाई बांटते कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
एटा लोकसभा सीट में पांच विधानसभाएं आती हैं। भारतीय जनता पार्टी और सपा को इन पांच विधानसभा से कुछ ऐसे वोट मिले। पटियाली विधानसभा से भाजपा को 95,237 मत प्राप्त हुए। अमांपुर विधानसभा सीट पर भाजपा 1,11729, कासगंज विधानसभा सीट से 1,30964, वहीं सपा को पटियाली विधानसभा से 97,767 मत मिले। सपा को अमांपुर विधानसभा सीट से 66,802 और कासगंज विधानसभा सीट से 85,471 मत प्राप्त हुए।
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राष्ट्रीय जन अधिकार पार्टी के सूरज सिंह
गौरतलब है कि इस सीट पर कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा। कांग्रेस ने यह एटा सीट अपने सहयोगी दल राष्ट्रीय जन अधिकार पार्टी (आरजेएपी) के लिए छोड़ी थी। आरजेएपी के टिकट पर सूरज सिंह ने चुनाव लड़ा। अब तक के चुनावों में एटा लोकसभा सीट पर कांग्रेस सिर्फ तीन बार ही जीत दर्ज पाई है।
देवेंद्र सिंह यादव समर्थकों के साथ (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
एटा लोकसभा सीट भाजपा ने 1989 से 1998 तक जीत हासिल की। महादीपक सिंह शाक्य लगातार जीतकर संसद पहुंचे। उनके जीत के सफर को 1999 में समाजवादी पार्टी के डा. देवेंद्र सिंह यादव ने थामा। देवेंद्र सिंह ने यहां दो बार लगातार जीत हासिल की। 2009 में जनक्रांति पार्टी से कल्याण सिंह सांसद बने। इसके बाद उनके पुत्र राजवीर सिंह ने भारतीय जनता पार्टी की टिकट से 2014 के लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की।