आगरा के बाह क्षेत्र में बाढ़ के बाद सामान्य हुई चंबल नदी में घड़ियालों के बच्चे फिर दिखने लगे हैं। हालांकि इनकी संख्या कम है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद घड़ियाल और मगरमच्छ की निगरानी में जुटी वन विभाग की टीम ने घड़ियाल के करीब 500 बच्चे चंबल रेंज में होने की उम्मीद जताई है। बता दें कि हर साल बाढ़ में घड़ियालों के बच्चे मर जाते हैं। इस बार चंबल की बाढ़ ने 26 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था। बाढ़ में घड़ियाल के बच्चे भी बह गए।
बाह के रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि हैचिंग के बाद चंबल की बाह रेंज में घड़ियाल के 2800 बच्चे नदी में छोड़े गए थे। बाढ़ में घड़ियाल, मगरमच्छ के साथ इनके बच्चे भी बहे हैं। कुछ बच्चे पानी के साथ खादरों में भी पहुंच गए थे। खादरों में फंसे घड़ियाल शिशुओं को वन विभाग कर्मी नदी की राह दिखाने में जुटे हैं।