श्रीकृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह प्रकरण
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हिंदू पक्ष का ही माना जाता रहा स्वामित्व
उन्होंने बताया कि इस भूमि का विवरण 1285 फसली के राजस्व अभिलेखों में 15.70 एकड़ बंजर में एक दुकान व मस्जिद के रूप में राजा पटनीमल्ल के वंशज राय नारायण दास व अन्य के नाम अंकित है। उन्होंने कहा कि राजा पटनीमल्ल के वंशजों व उनके बाद श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट/संघ व मथुरा के मुसलमानों के मध्य वर्ष 1832, 1897, 1920, 1921, 1928, 1929, 1932, 1946, 1955, 1956, 1958, 1959, 1960, 1961, 1965 तक चले सभी मुकदमों, उनकी अपील व रिवीजन के निर्णयों में हमेशा हिंदू पक्ष को ही कटरा केशवदेव का स्वामी माना जाता रहा है।