एटा कोतवाली नगर क्षेत्र के मौजा शिवसिंहपुर में मालगोदाम रोड के पास जवाहर तापीय परियोजना तक रेलवे लाइन के लिए मंगलवार को जमीन का अधिग्रहण किया जाने लगा। मुआवजा दिए बगैर अधिग्रहण करने का आरोप लगाते हुए तमाम लोग वहां एकत्रित हो गए। इस दौरान अधिग्रहण का विरोध करते हुए हंगामा कर दिया गया। इस दौरान महिलाएं जेसीबी के आगे लेट गईं। ये देख प्रशासनिक अधिकारियों के होश उड़ गए। विरोध को देखते हुए एसडीएम सदर, सीओ सिटी कई थानों के फोर्स के साथ पहुंच गए। इस दौरान अधिकारियों ने लोगों से बात की। उनकी समस्या का निराकरण का आश्वासन दिया गया। सहमति बनने के बाद काम शुरू करा दिया गया।
शहर के मोहल्ला सिंधी कॉलोनी निवासी रामवती देवी अपने पुत्र सुरेंद्र, सतेंद्र और नरेंद्र समेत अन्य महिलाओं के साथ रेलवे गोदाम से आगे बिछाई जा रही लाइन पर पहुंच गईं। यहां जमीन अधिग्रहण का काम मंगलवार को रेलवे के अधिकारियों द्वारा शुरू किया गया। रामवती का आरोप था कि बिना मुआवजा दिए अधिग्रहण किया जा रहा है।
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भूमि अधिग्रहण
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने यह भी कहा कि जिस गाटा की जमीन अधिग्रहीत की जा रही है, वहां पर प्लॉटिंग हो चुकी है। ऐसे में मुआवजा आबादी की दर से मिलना चाहिए, जबकि रेलवे अधिकारी कृषि भूमि की दर से मुआवजा देने की बात कह रहे हैं। इस बात को लेकर सहमति नहीं बनी तो रामवती सहित कई महिलाएं जेसीबी के आगे लेट गईं।
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मौके पर मौजूद पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
हालात बिगड़ते देख कोतवाली नगर, कोतवाली देहात, थाना पिलुआ से भी फोर्स बुला लिया गया। एसडीएम सदर शिवकुमार, सीओ सिटी राजकुमार सिंह, तहसीलदार सीपी सिंह भी पहुंच गए। काफी देर तक लोग विरोध करते रहे। बाद में अधिकारियों के समझाने के बाद सहमति बन गई और शाम के समय कार्य शुरू कराया गया।
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मौके पर मौजूद पुलिस फोर्स
- फोटो : अमर उजाला
तहसीलदार ने बताया कि महत्वपूर्ण परियोजना के लिए इस भूमि को अनिवार्य अधिग्रहण में डाला गया है। इसका नोटिस पूर्व में दिया जा चुका है। समझाने पर लोग कृषि भूमि के हिसाब से मुआवजे पर सहमत हो गए हैं। एएसपी धनंजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि जमीन अधिग्रहण को लेकर पुलिस बल की मांग की गई थी, उसी आधार पर पुलिस बल भेजा गया। बाद में महिलाएं मान गईं और कार्य शुरू करा दिया गया।
जेई रेलवे अरुण यादव ने बताया कि जमीन का मुआवजा खतौनी में दर्ज जमीन के आधार पर तय किया गया है। जबकि आबादी के हिसाब से मांगा जा रहा था। इसको लेकर कार्य बाधित हुआ। बाद में समझाने पर लोग मान गए।