ऊंची जगहों से बरसते लड्डू और इन्हें लपकने के लिए लालायित श्रद्धालु। अबीर-गुलाल के घुमड़ते सतरंगी बादल, रसिकों की वाणी का गुणगान करते समाजी, चारों ओर राधे-राधे की गूंज, समाजियों के साथ मस्ती में झूमकर नाचता पांडा कुछ ऐसा नजारा था बरसाना के विश्व प्रसिद्ध श्रीराधारानी (लाडली जी) मंदिर का।