फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Krishna Janmashtami: नंदबाबा मंदिर में नहीं बंटेगा बधाई का लड्डू, टूटेगी सैकड़ों वर्ष पुरानी परंपरा

Sat, 08 Aug 2020 12:38 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
विज्ञापन
1 of 6
कृष्ण जन्माष्टमी - फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन के कारण सैकड़ों वर्षों से चली आ रही बरसाना के लोगों को बधाई के लड्डू देने की परंपरा इस बार टूटेगी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और नंदोत्सव की परंपरा कुछ बंदिशों के साथ निभाई जाएगी। श्रद्धालुओं का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा।
 
विज्ञापन

2 of 6
नंदबाबा मंदिर में स्वेत वस्त्र धारण कर दर्शन देते कृष्ण-बलराम (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद नंदबाबा मंदिर के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम छाता हनुमान प्रसाद से मुलाकात की। इस दौरान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं नंदोत्सव को लेकर वार्ता हुई। निर्णय लिया गया कि 11 व 12 अगस्त को नंदबाबा मंदिर में सभी परंपराओं का निर्वहन कोविड-19 की गाइडलाइंस के अनुसार होगा।
विज्ञापन

3 of 6
नंदबाबा मंदिर, नंदगांव - फोटो : अमर उजाला
नंदबाबा मंदिर के सेवायत मुकेश गोस्वामी ने बताया कि कुछ सेवायतों के अलावा स्थानीय एवं बाहरी श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। दोनों दिन होने वाली समाज में नंदगांव एवं बरसाना के केवल पांच-पांच समाजियों को ही मंदिर में समाज गायन की अनुमति दी जाएगी। इस बार न तो बधाई का लड्डू बंटेगा और न ही कस्बे में दंगल का आयोजन होगा।

4 of 6
नंदबाबा मंदिर, नंदगांव (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
प्रतिनिधिमंडल में राधारमण गोस्वामी संगीताचार्य, मुकेश गोस्वामी, डॉ. हरिमोहन गोस्वामी, डॉ. भुवनेश गोस्वामी, हरिमोहन पंडा, गुड्डी गोस्वामी, सोनू गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

5 of 6
नंदबाबा मंदिर, नंदगांव - फोटो : अमर उजाला
बधाई का लड्डू लेने आते हैं बरसाना के ब्राह्मण
श्रीकृष्ण जन्म की बधाई का लड्डू लेने आने की परंपरा सैकड़ों वर्षों से चली आ रही है। बरसाना के हजारों ब्राह्मण परिवारों के लोग बधाई का लड्डू लेने नंदगांव आते हैं। इस दौरान वे नंदबाबा और यशोदा मैया बने स्वरूपों को जन्म की बधाई भी देकर जाते हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
नंदबाबा मंदिर, नंदगांव - फोटो : अमर उजाला
कोरोना माहमारी के चलते सैकड़ों वर्षों से अनवरत चली आ रही ये परंपरा इस बार टूट जाएगी। वर्तमान में समाज गायन का दौर चल रहा है। संगीताचार्य राधारमण गोस्वामी ने बताया कि रात में समाज के दौरान जन्म बधाई गायन किया जाता है। मंदिर के मुख्य द्वार पर नौबत बजाई जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें