आगरा जिले के गांव नगला बिंदु में बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे शहीद सिपाही देवेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर लाया गया। शहीद की अंतिम विदाई में हजारों की तादाद में ग्रामीण उमड़े। जब शहीद सिपाही देवेंद्र की तीन वर्षीय बेटी वैष्णवी ने उन्हें मुखाग्नि दी। तब सभी की आंखें नम हो गई। इस दौरान शहीद देवेंद्र अमर रहे के नारे से आसमान गूंज उठा। पुलिस ने शहीद सिपाही को सलामी दी। राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने शहीद सिपाही को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सिपाही देवेंद्र सिंह आगरा के गांव नगला बिंदू (थाना डौकी) के रहने वाले थे। वह कासगंज जिले के थाना सिढ़पुरा में तैनात थे। मंगलवार शाम दरोगा अशोक कुमार सिंह और सिपाही देवेंद्र सिंह क्षेत्र के गांव नगला धीमर और नगला भिकारी में अवैध शराब की सूचना पर पहुंचे थे। यहां शराब माफिया ने हमला कर सिपाही देवेंद्र सिंह की हत्या कर दी थी। हमले में दरोगा गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका इलाज चल रहा है।
गांव में पसरा सन्नाटा, घरों में नहीं जले चूल्हे
सिपाही देवेंद्र सिंह की शहीद होने की सूचना जैसे ही गांव नगला बिंदु पहुंची तो गांव में मातम पसर गया। बुधवार को गांव के किसी घर में चूल्हे नहीं जले। हजारों की संख्या में लोग शहीद सिपाही के घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंच गए। गांव की गलियों में सन्नाटा रहा।
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कासगंज हत्याकांड: शहीद देवेंद्र सिंह की अर्थी को कंधा देते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार दोपहर ढाई बजे सिपाही देवेंद्र का पार्थिव शरीर पैतृक गांव नगला बिंदु पहुंचते ही कोहराम मच गया। मां और पत्नी बेसुध हो गईं। बहन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। तीन साल की बेटी बस पापा-पापा बोल रही थी। यह दृश्य देखकर हर किसी की आंख नम हो गईं। परिवार को शहीद के अंतिम दर्शन कराने के बाद विदाई दी गई।
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कासगंज हत्याकांड: शहीद सिपाही को दी श्रद्धांजलि
- फोटो : अमर उजाला
अधिकारियों और राजनेताओं ने दी श्रद्धांजलि
नगला बिंदु के शहीद सिपाही देवेंद्र को श्रद्धांजलि देने के लिए एडीजी अजय आनंद, एसएसपी बबलू कुमार, डीएम पीएन सिंह, एसपीआरए पूर्वी के वेंकट अशोक और राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह, आगरा ग्रामीण की विधायक हेमलता दिवाकर, भाजपा के जिलाध्यक्ष गिरिरज सिंह कुशवाहा, पूर्व विधायक डॉक्टर धर्मपाल सिंह, पूर्व विधायक कालीचरण सुमन, सपा के जिलाध्यक्ष रामगोपाल बघेल भी पहुंचे।
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कासगंज हत्याकांड : शहीद देवेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर
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शहीद के परिवार को एक करोड़ का मुआवजा देने की मांग
बसपा के पूर्व विधायक कालीचरण सुमन और डॉ. धर्मपाल सिंह ने बिकरू कांड के शहीदों की तरह शहीद के परिवार को एक करोड़ का मुआवजा देने की मांग की। डॉ. धर्मपाल सिंह ने शहीद सिपाही की बहन की शादी में भी सरकार द्वारा सहायता किए जाने की मांग की।
कासगंज हत्याकांड: डीएम ने शहीद के पिता को गले लगाकर बंधाया ढांढस
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शहीद देवेंद्र सिंह बचपन से ही पुलिस में भर्ती होना चाहते थे। इसके लिए गांव में ही तैयारी करते थे। शहीद के चचेरे भाई केवल सिंह ने बताया कि देवेंद्र ने गांव में रहकर ही पुलिस भर्ती की तैयारी की थी। उसके दोस्त भी साथ में रहते थे। वह सुबह दोस्तों के साथ ही दौड़ लगाने जाते थे। पढ़ाई भी करते थे। वर्ष 2015 में देवेंद्र पुलिस में भर्ती हो गए।