'भाई...मैं एक दिन पहले पहुंच जाऊंगा और तेरी शादी में जमकर धमाल मचाएंगे।' यह बात शहीद आरिफ खान ने रविवार की रात अपने चचेरे भाई सरफराज से कही थी। कासगंज के कस्बा भरगैन में जांबाज आरिफ खान के आने इंतजार हो रहा था, लेकिन जैसे उनके शहीद होने की खबर आई तो शादी की खुशियां काफूर हो गईं।
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शहीद आरिफ खान
- फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2017 में सेना में भर्ती हुए जवान आरिफ की तैनाती जम्मू कश्मीर में थी। सोमवार सुबह आतंकवादियों ने गोलीबारी कर दी। इसमें गोली लगने से आरिफ शहीद हो गए थे।
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वडोदरा में रोते बिलखते शहीद के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
आरिफ का परिवार गुजरात के वडोदरा में रहता है। पिता सफी आलम खान रेलवे में कार्यरत हैं। आरिफ के चाचा और अन्य परिजन कस्बा भरगैन में रहते हैं। यहां 24 जुलाई को चाचा शाबाद खान के बेटे सरफराज की शादी है।
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वडोदरा में शहीद आरिफ के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
आरिफ ने रविवार रात को सरफराज को फोन किया था। उसने कहा था कि वो शादी से एक दिन पहले भरगैन पहुंच जाएगा। छुट्टी के लिए प्रार्थना पत्र दे दिया है। बस मंजूरी मिलने ही वाली है।
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शहीद आरिफ खान
- फोटो : अमर उजाला
आरिफ ने सरफराज से कहा था कि भाई तेरी शादी में जमकर धमाल मचाएंगे, लेकिन सोमवार को जैसे ही सैनिक आरिफ की शहादत की खबर आई तो चाचा के परिवार में कोहराम मच गया।
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रोते बिलखते शहीद के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
चचेरे भाई सरफराज ने बताया कि रविवार को आरिफ बात करते समय काफी खुश था। उसे कस्बे में आने की उत्सुकता थी। चाचा शाबाद खान ने कहा कि उसकी शहादत से शादी की खुशियां अब मातम में बदल गईं हैं।
शहीद आरिफ का पार्थिव शरीर सोमवार को गुजराज के वडोदरा पहुंच गया है। कासगंज से शहीद के चाचा व अन्य परिजन वहां गए हैं। परिजनों ने बताया कि आरिफ के तीन भाई और दो बहनें हैं। उसका छोटा भाई आसिफ खान भी सेना भर्ती की तैयारी कर रहा है।