कारगिल युद्ध में मथुरा जनपद के गांव नावली के लाल रविकरन ने 12000 फीट की ऊंचाई पर अंतिम सांस तक लड़ते हुए पाकिस्तान के 10 घुसपैठियों को मार गिराया था। कारगिल शहीद नायक रविकरन सिंह कर्नल कुशल सिंह ठाकुर की टुकड़ी में सबसे आगे थे। 4 जुलाई, 1999 को जब रविकरन की शहादत खबर मिली तो पूरा गांव गमजदा हो गया। गर्व इस बात का था कि वीर सपूत ने देश की खातिर अपना बलिदान दिया है। 21वें कारगिल विजय दिवस पर गांव के लोगों ने शहीद रविकरन को पुष्प अर्पित कर नमन किया।