7 जुलाई 1999 का दिन... जब ब्रिगेडियर समीर भदौरिया ने टीम के साथ घपाक पोस्ट पर कब्जा कर तिरंगा लहराया था। भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस और पराक्रम को देखकर पाकिस्तानी सेना की रूह कांप गई थी। आलम यह था कि पाकिस्तानी फौजियों को जान बचाने के लाले पड़ गए थे। वो मौत को करीब देख अपनी मोटरें छोड़कर भाग खडे़ हुए थे। कारगिल युद्ध के हीरो रहे आगरा जिले के गांव रुदमुली निवासी ब्रिगेडियर समीर भदौरिया ने यह शौर्यगाथा सुनाई। उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध का एक-एक संस्मरण भारतीय सेना की शौर्य गाथाओं से भरा हुआ है।