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कानपुर मुठभेड़: दो साल पहले ही पुलिस में भर्ती हुए थे ब्रज के दोनों जवान, फर्ज की खातिर हुए कुर्बान

Sat, 04 Jul 2020 12:16 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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शहीद जितेंद्र और बबलू कुमार के फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस के साथ हुई दिल दहलाने वाली घटना ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। इनमें आगरा और मथुरा के दो परिवार भी शामिल हैं, जिनके लाल दो साल पहले ही पुलिस में भर्ती हुए थे। बेटों की पुलिस में नौकरी लगने से परिवारों में खुशियां आनी शुरू ही हुई थीं, लेकिन बदमाशों की दुस्साहसिक करतूत से इनके परिवारों में मातम पसर गया है। 

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शहीद बबलू कुमार और जितेंद्र (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में गुरुवार की रात दबिश देने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं। इसमें शहीद हुए आठ पुलिसकर्मियों में से सिपाही बबलू कुमार आगरा और जितेंद्र मथुरा के रहने वाले थे। शुक्रवार की सुबह जब इनकी शहादत की खबर मिली तो परिवारों में कोहराम मच गया। शहीद सिपाहियों के गांवों में गम और गुस्से का माहौल है। 



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शहीद सिपाही बबलू कुमार (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र के गांव पोखर पांडे निवासी बबलू कुमार 2018 में पुलिस में भर्ती हुए थे। कुख्यात बदमाश विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम में 23 वर्षीय बबलू कुमार भी शामिल थे। गोली लगने से वो शहीद हो गए। सिपाही बबलू की शहादत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

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शहीद सिपाही बबलू कुमार व रोते-बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
शहीद बबलू के परिवार की आर्थिक स्थित ठीक नहीं है। इनके पिता छोटेलाल राजमिस्री हैं। बबलू चार भाइयों में तीसरे नंबर के थे। बड़े भाई दिनेश और बृजेश भी पिता के साथ काम करते हैं। छोटे भाई उमेश ने इसी साल इंटर पास किया है। ग्रामीणों ने बताया कि बबलू की पुलिस में नौकरी लगने के बाद परिवार में उम्मीद की किरण जागी थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। 
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शहीद जितेंद्र (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
कानपुर मुठभेड़ में शहीद हुए मथुरा जिले के सिपाही जितेंद्र गांव बरारी के रहने वाले थे। उनके परिजन तंतुरा नवादा में रहते हैं। जितेंद्र के शहीद होने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। 26 साल के जितेंद्र दो साल पहले ही पुलिस में भर्ती हुए थे। उनकी अभी शादी नहीं हुई थी। परिवार में उनके पिता तीर्थपाल सिंह, मां व भाई-बहन हैं। जितेंद्र का अंतिम संस्कार गांव बरारी में किया जाएगा। 

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