राजेश्वर और बल्केश्वर महादेव के बाद सोमवार को कैलाश महादेव को मनाने श्रद्धालु पहुंचे। दरबार में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का रेला शुरू हो गया। रविवार शाम से कैलाश मेला शुरू हो गया। सिकंदरा स्मारक से लेकर मंदिर तक झूले लगे हैं और दुकानें सज गई हैं। जिनमें अच्छी खासी भीड़ रही।
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कैलाश मेले पर शिवजी की आराधना करते महापौर नवीन जैन
- फोटो : अमर उजाला
कैलाश महादेव का गंगाजल से अभिषेक हो सके। इसके लिए सिकंदरा वाटर वर्क्स से कैलाश महादेव मंदिर तक छह इंच की एक पाइप लाइन डाली जाएगी। नवीन जैन ने कहा कि अगले वर्ष 2020 में शिव भक्तों को भोले बाबा का अभिषेक करने के लिए उन्हें गंगाजल मंदिर में ही मिलेगा। बताते चलें कि कैलाश मंदिर स्थित यमुना के दूसरे किनारे पर गंगाजल गिर गिर रहा है।
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शिवजी पर गंगाजल चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ लेकर पहुंचे
- फोटो : अमर उजाला
हर साल सावन के तीसरे सोमवार को कैलाश महादेव मंदिर पर मेले का आयोजन किया जाता है। यहां जलाभिषेक करने के लिए हजारों की तादाद में शिव भक्त पहुंचते हैं। लेकिन इस साल शिवभक्त यमुना में डुबकी नहीं लगा सकेंगे। वहीं शिवजी पर गंगाजल चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ लेकर पहुंचे हैं।
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मेले में लगाए गए झूले
- फोटो : अमर उजाला
महापौर नवीन जैन, सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल की पत्नी मधू बघेल और जूता निर्यातक पूरन डावर ने रविवार शाम मेले का उद्घाटन किया। इसके पूर्व सभी ने मंदिर में विधिविधान से पूजा-अर्चना की। सभी ने शिवलिंग का अभिषेक किया और आरती में हिस्सा लिया। उद्घाटन समारोह में मंदिर के महंत महेश गिरि के अलावा सतीश चंद गोस्वामी, निर्मल गिरि, चंद्रकांत गिरि, जगदीश गिरि, केशव गिरि, विनोद गिरि, गौरव गिरि आदि मौजूद रहे।
कैलाश महादेव मंदिर में पूजा करते भक्त
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि आगरा के चारों कोने पर शिवजी विराजमान है। पहले सोमवार को राज राजेश्वर मंदिर पर मेला लगता है। वहीं दूसरे सोमवार को बल्केश्वर महादेव मंदिर पर मेले का आयोजन होता है। तीसरे सोमवार को कैलाश मंदिर पर और चौथे सोमवार को पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर पर मेले का आयोजन किया जाता है।