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शहीद पिता की चिता को तीन साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, पत्नी ने सैल्यूट कर दी अंतिम विदाई

Sun, 04 Aug 2019 03:50 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोसीकलां (मथुरा)
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तीन साल के बेटे ने दी शहीद पिता को मुखाग्नि - फोटो : अमर उजाला
जम्मू कश्मीर के शेपियां में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में शहीद हुए जवान रामवीर शनिवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। तीन साल के बेटे शिवा ने शहीद पिता की चिता को मुखाग्नि दी। पत्नी नीतू ने सैल्यूट कर शहीद को अंतिम विदाई दी। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ा। हर आंख नम थी। हाथ में तिरंगा लिए हर कोई भारत माता की जय और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगा रहा था। 
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शहीद पति को देखकर बिलखती पत्नी - फोटो : अमर उजाला
तिरंगे में लिपटे शहीद रामवीर सिंह को देखकर मां कृष्णा और पत्नी नीतू का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार की महिलाओं ने इन दोनों को हिम्मत बंधाई लेकिन जिसका अपना चला जाए उसे भला कौन संभाल सकता है। रामवीर सिंह की शादी वर्ष 2012 में छाता निवासी नीतू के साथ हुई थी। इनके दो बच्चे हैं। बड़ा बेटा तीन साल का शिवा है और छह माह का आदित्य है
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शहीद के अंतिम दर्शन को उमड़े लोग - फोटो : अमर उजाला
शाम करीब चार बजे सेना के जवान शहीद रामवीर के शव को लेकर बठैन गेट पहुंचे। यहां हजारों की संख्या में लोग हाथ में तिरंगा लिए खड़े थे। यहां से बठैन कलां से बठैन खुर्द होते हुए गांव हुलवाना तक शहीद के अंतिम यात्रा में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।

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शहादत को सलाम - फोटो : अमर उजाला
शहीद की अंतिम यात्रा के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा की गई। शहीद रामवीर का शव जैसे ही घर पहुंचा पत्नी नीतू ने सैल्यूट और हाथ जोड़कर पति को सलामी दी। शहीद की अंतिम यात्रा के दौरान भाई रामवीर अमर रहे के जयघोष गूंजते रहे। जाट रेजिमेंट की टुकड़ी ने उन्हें सलामी दी।
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शहीद के अंतिम दर्शन को उमड़े लोग - फोटो : अमर उजाला
शहीद रामवीर के तीन साल के बेटे शिवा को गोद में लेकर कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने मुखाग्नि दिलवाई। इस मौके पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, मांट क्षेत्र के विधायक श्याम सुंदर शर्मा, पूर्व मंत्री तेजपाल सिंह आदि मौजूद थे।
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शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित करते ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा - फोटो : अमर उजाला
शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हुए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने शहीद के परिवार को 25 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा। परिजनों को नौकरी और मुख्य सड़क का नाम शहीद के नाम पर रखे जाने, गांव में जमीन मिलते ही स्टेडियम का निर्माण कराने, विधायक निधि से 20 लाख रुपये की लागत से गेट बनवाने की घोषणा की।
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शहीद का पार्थिव शरीर लाते हुए सेना के जवान - फोटो : अमर उजाला
शनिवार सुबह से ही शहीद के अंतिम दर्शन करने के लिए गांव हुलवाना में लोगों के आने का सिलसिला जारी हो गया। आठ किलोमीटर लंबे कोसी हुलवाना मार्ग तक भारत माता के नारे गूंज रहे थे। युवा हाथों में तिरंगा लेकर शहीद के पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रहे थे।
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शहीद के अंतिम दर्शन को छतों पर बैठीं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
जैसे ही शहीद रामवीर का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा 'भारत माता के जयकारे और जब तब सूरज चांद रहेगा, रामवीर का नाम रहेगा जैसे नारे गूंजने लगे। हाथ में तिरंगा लिए हर कोई भारत माता की जय और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगा रहा था। कोसी में राजमार्ग पर मंडी गेट के सामने से लेकर बठैन गेट होते हुए रजवाह तक दोनों ओर ग्रामीण, महिलाएं, बच्चे एवं युवा शहीद की अंतिम झलक पाने को बेताब दिखाई दिए।
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