आगरा में जोंस मिल के 23 खसरों में पैमाइश पूर्ण हो चुकी है। इनमें खसरा 1739 और 2078 में हुए अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के आदेश सोमवार को डीएम प्रभु एन सिंह ने जारी कर दिए। डीएम ने बताया भूमि नजूल व राजकीय आस्थान से संबंधित है। इसमें ग्रामसभा की जमीन भी शामिल है। मंगलवार को नगरायुक्त की मौजूदगी में कार्रवाई होगी। अवैध निर्माण हटाकर प्रशासन अपना कब्जा लेगा।
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जोंस मिल में सरकारी जमीन
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपी। डीएम के आदेश पर गठित कमेटी जोंस मिल के जिन 23 खसरों की जांच कर रही है, उनमें सबसे ज्यादा भूमि करीब 25 बीघा खसरा नंबर 2087 में स्थित है। रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए। डीएम ने कहा जिन लोगों ने बैनामे नहीं दिखाए उन्हें भविष्य में दूसरा मौका नहीं मिलेगा। लोगों को मौका दिया गया था कि अगर उनकेपास दस्तावेज हैं तो वे दिखा दें।
धर्मस्थल की जमीन भी जांच के दायरे में
- फोटो : अमर उजाला
धर्मस्थल की जमीन भी जांच के दायरे में
नायब तहसीलदार ने पैमाइश कर रिपोर्ट दी है कि सरकारी जमीन पर धर्मस्थल भी बना है। इस मामले में डीएम प्रभु एन सिंह ने कहा सरकारी जमीन पर धार्मिक स्थल का निर्माण कानूनन नहीं हो सकता है। जोंस मिल के खसरों में किस टाइटल के आधार पर यह निर्माण हुआ इसकी जांच कराई जा रही है।
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जोंस मिल में पड़ा मलबा
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस चौकी की जमीन पर बने मातंगी टॉवर की एनओसी निरस्त, संपत्ति जब्त होगी
जोंस मिल प्रकरण में डीएम प्रभु एन सिंह ने आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा अमित गोयल पुत्र श्यामलाल गोयल निवासी मातंगी टॉवर के लिए प्लॉट नंबर 1 से 4 तक की संपत्ति के लिए 21 अक्टूबर 2019 को जारी की गई एनओसी सोमवार को निरस्त कर दी।
एडीए चीफ टाउन प्लानर और सचिव को एनओसी निरस्त कर संपत्ति जब्त करने के निर्देश दिए हैं। डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया नायब तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर एडीए की एनओसी निरस्त की गई है। साथ ही नजूल मुहर्रिर द्वारा 15 अक्टूबर को जारी की गई आख्या भी निरस्त कर दी गई है। यह संपत्ति पर पुलिस चौकी है जिसका क्षेत्रफल 940 वर्ग गज है। खसरा संख्या 2072 की यह संपत्ति सरकारी जमीन है।