जोंस मिल में नहर भूमि का बैनामा सात साल पहले निरस्त हो चुका है। कब्जा लेने के लिए सिंचाई विभाग को प्रशासन अब पुलिस फोर्स उपलब्ध कराएगा। जमीन नगर निगम को हैंडओवर होगी। कुल 48319 वर्ग मीटर (4.831 है.) सिंचाई भूमि पर कब्जा लेने की कवायद शुरू हो गई है।
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जोंस मिल के इस हिस्से में हुआ था ब्लास्ट
- फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग और नगर निगम को कब्जा दिलाने के लिए प्रशासन पुलिस फोर्स उपलब्ध कराएगा। 15 जनवरी के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होगी। एडीएम प्रोटोकॉल की रिपोर्ट का इंतजार है। एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 1913 में तत्कालीन सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सीएफ विलकिंस ने डीएम के माध्यम से 32.62 एकड़ भूमि म्यूनिसीपैलिटी को हस्तारंत की गई। ये भूमि मौजा सुरजेवाला और घटवासन में खसरा 1734, 1737, 1739 और 2078 में दर्ज थी। 29 जून 2002 को काश्तकार रामसिंह पुत्र गजाधर व चिरंजीलाल आदि ने खसरा 2078 नहर खारिजा को कमला नगर निवासी सुनील कुमार पुत्र एससी अग्रवाल मै. कृष्णा कंस्ट्रक्शन को बेच दिया।
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जोंस मिल की जगह
- फोटो : अमर उजाला
कृष्णा कंस्ट्रक्शन ने भूमि पर आस्था मॉल खड़ा किया। दाखिला खारिज के लिए फाइल आने पर अपर आयुक्त ने आपत्ति जताई। मामला उच्च न्यायालय पहुंचा। यहां 2013 में अदालत ने कृष्णा कंस्ट्रक्शन का बैनामा खारिज करते हुए निर्माण पर रोक लगा दी। सात साल से निर्माण बंद है। डीएम प्रभु एन सिंह ने कहा, मौके पर नए निर्माण की जांच होगी। साथ ही सिंचाई व नगर निगम संयुक्त टीम द्वारा चिह्नित भूमि पर प्रशासन कब्जा दिलाने के लिए पर्याप्त पुलिस फोर्स भी उपलब्ध कराएगा।
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जोंस मिल में सरकारी जमीन
- फोटो : अमर उजाला
48319 वर्ग मीटर पर अवैध निर्माण
घटवासन और सुरजेपुरा मौजा में 32.62 एकड़ नहर भूमि में से 48319 वर्ग मीटर भूमि पर संयुक्त सर्वे में अवैध निर्माण व कब्जे मिले हैं। इनमें 5941.70 वर्ग मीटर पर स्थाई निर्माण हैं। 42378 वर्ग मीटर पर अवैध कब्जे व अतिक्रमण ध्वस्त होगा।
15 जनवरी तक सुनवाई का मौका
जोंस मिल भूमि से संबंधित व्यक्तियों को अंतिम सुनवाई के लिए 15 जनवरी तक जिलाधिकारी ने मौका दिया है। इनके प्रार्थनापत्रों पर सुनवाई के लिए एडीएम प्रोटोकॉल व एसीएम दितीय की टीम बनाई है। डीएम प्रभु एन सिंह ने कहा एडीएम प्रोटोकॉल की रिपोर्ट आने के बाद संबंधित विभागों द्वारा कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।