फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जोंस मिल : डीएम के सख्त निर्देश, ढहाए जाएंगे 150 अवैध कब्जे, तय किया कार्रवाई का वक्त

Thu, 08 Oct 2020 01:19 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 6
जोंस मिल - फोटो : अमर उजाला
आगरा जिला प्रशासन जोंस मिल प्रकरण में सरकारी जमीनों पर हुए अवैध निर्माणों को बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण की तैयारी कर रहा है। जांच रिपोर्ट तैयार हो गई है। 150 से अधिक अवैध निर्माण व कब्जे चिह्नित हो गए हैं। कार्रवाई के लिए जांच समिति अध्यक्ष एडीएम प्रशासन के छुट्टी से लौटने का इंतजार है।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह - फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया जोंस मिल मामले में जांच लगभग पूरी हो गई है। कागज तैयार किए जा रहे हैं। नजूल व सरकारी जमीनों पर चिह्नित निर्माणों को जेसीबी से ढहाया जाएगा। सरकारी जमीन को खाली करा प्रशासन उस पर अपना कब्जा लेगा। 
 
विज्ञापन

3 of 6
जोंस मिल की जगह - फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि जांच समिति अध्यक्ष एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव अभी छुट्टी पर हैं। अगले सप्ताह तक उनके लौटने की उम्मीद है। जैसे ही वह लौटेंगी कागजी कार्रवाई पूरी कर मौके पर बनी अवैध बिल्डिंग, मकान, दुकान व अन्य निर्माणों को ध्वस्त किया जाएगा।

4 of 6
जोंस मिल में सरकारी जमीन - फोटो : अमर उजाला
जांच में करीब 150 निर्माण अवैध मिले हैं, परंतु डीएम प्रभु एन सिंह ने इनकी सूची व नाम बताने से इनकार किया। उन्होंने कहा जांच रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की जा सकती।
विज्ञापन

5 of 6
जोंस मिल में पड़ा मलबा - फोटो : अमर उजाला
दोषी कर्मचारियों पर प्रशासन मेहरबान
सदर तहसील के मौजा घटवासन में स्थिति जोंस मिल की जमीनों पर हुए अवैध निर्माणों के मामले में राजस्वकर्मियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। क्षेत्रीय लेखपाल, तहसीलदार व नजूल व अन्य राजस्व कर्मियों की इस मामले में न कोई जांच की गई, न कोई कार्रवाई हुई। ऐसे में दोषियों पर प्रशासन की मेहरबानी से भी कई सवाल उठ रहे हैं।  
 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
जोंस मिल की जगह - फोटो : अमर उजाला
नायब तहसीलदार हो गए बर्खास्त
जोंस मिल की जमीनों पर हुए अवैध कब्जे व निर्माणों की जांच करने वाले नायब तहसीलदार सुनील कुमार सिंह ने भी प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी जमीनों पर कई नेताओं व जनप्रतिनिधियों की सांठगांठ से अफसरों ने ही कब्जे कराए। जब मेरी जांच में वह फंसने लगे, तो मुझे आठ वर्ष पुराने मामले में बर्खास्त करवा दिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें