मैनपुरी के जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्रा की कथित हत्या के मामले में अब एसआईटी जांच मोबाइल लोकेशन पर आकर टिक गई है। टीम घटना की रात विद्यालय व उसके आसपास सक्रिय मोबाइल की कॉल डिटेल व लोकेशन निकलवा रही है। इससे एसआईटी को छात्रा की मौत का राज खुलने की उम्मीद है।
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जांच के दौरान एसआईटी
- फोटो : अमर उजाला
लगातार पांच दिनों से छात्रा की कथित हत्या की जांच कर रही एसआईटी के हाथ कोई पुख्ता सुराग नहीं लगा है। घटना स्थल पर निरीक्षण से लेकर पूछताछ तक कुछ भी अहम जानकारी न होने से अब जांच मोबाइल लोकेशन पर आकर टिक गई है। इसके लिए 15 सितंबर की रात को विद्यालय व उसके आसपास सक्रिय रहे मोबाइल नंबर की लोकेशन निकाली जा रही है।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
मोबाइल नंबर की लोकेशन मिलने से यह साफ हो जाएगा कि उस रात कौन कितने बजे तक जाग रहा था। वहीं घटना की सुबह विद्यालय के लोगों ने कहां-कहां फोन किए इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। इससे पुलिस को अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। इस पहलू पर अब एसआईटी ने जांच तेज कर दी है। वहीं परिजनों को एसआईटी जांच पर भरोसा नहीं है। वो लगातार केवल सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधीक्षक अजय कुमार व सीओ एसटीएफ श्यामकांत ने लोकेशन के लिए सभी स्टाफ के मोबाइल नंबर दर्ज किए। सूत्रों के अनुसार टीम इस बारे में भी जानकारी जुटा रही है कि कहीं किसी छात्र या छात्रा के पास नवोदय विद्यालय में मोबाइल तो नहीं था। इसके लिए छात्र-छात्राओं से क्रॉस सवाल जवाब किए जा रहे हैं। हालांकि इस पूरी जांच को एसआईटी टीम गोपनीय बनाए हुए है।
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नवोदय विद्यालय में जांच करती एसआईटी
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों के अनुसार एसआईटी जांच में मौत के बाद छात्रा के हाथ पर लिखे फोन नंबर की गुत्थी सुलझ गई है। उक्त नंबर उसके मामा का था। छात्रा ने घटना की शाम मामा से बात कर उन्हें स्कूल आने के लिए कहा था। इस पर उन्होंने दो-तीन दिन में स्कूल आकर प्रधानाचार्य से मिलने की बात कही थी, लेकिन रात में ही छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। एसआईटी ने इस बारे में छात्रा के मामा से भी पूछताछ की।
नवोदय विद्यालय में जांच के दौरान एसआईटी
- फोटो : अमर उजाला
नवोदय में कथित छात्रा हत्याकांड की जांच के लिए शासन ने आईजी कानपुर रेंज मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में एसआईटी गठित की है। दो दिसंबर को सुबह ही आईजी कानपुर रेंज ने मैनपुरी पहुंचकर जांच शुरू कर दी थी। उन्होंने क्राइम सीन का निरीक्षण करने के साथ ही परिजनों व अन्य से सवाल जवाब किए। छात्रा की मौत की गुत्थी को सुलझाने के लिए टीम लगातार जुटी हुई है।