मैनपुरी के नवोदय विद्यालय की छात्रा की कथित हत्या के मामले में जांच टीमें जुटी हुई हैं। हत्या का आरोप लगा रहे परिजन पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बेटी के गले पर ओ मार्क होने की बात कही गई है, जबकि ओ मार्क आत्महत्या के मामले में आने की संभावना नहीं होती है। वहीं शुक्रवार को एक बार फिर से एसआईटी की टीम ने नवोदय विद्यालय पहुंचकर छानबीन की है।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
नवोदय विद्यालय की छात्रा से दुष्कर्म की पुष्टि के बाद हत्या के आरोपों को भी बल मिल रहा है। परिजनों का साफ शब्दों में कहना है कि उनकी बेटी की हत्या की गई है। परिजन पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदे से गले पर ओ मार्क लिखा गया है, जबकि आत्महत्या के मामलों में वी मार्क बनता है।
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नवोदय विद्यालय में जांच के दौरान आईजी कानपुर मोहित अग्रवाल व सीओ एसटीएफ
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों के आरोपों से खड़े हुए सवाल का जवाब जांच टीम तलाश रही है। हालांकि एसआईटी के सामने समस्या यह है कि पुलिस के किसी भी अधिकारी ने छात्रा को फंदे पर लटका नहीं देखा। पुलिस को छात्रा का शव अस्पताल में ही देखने को मिला था। उधर विद्यालय प्रशासन का दावा है कि छात्रा का शव विद्यालय की अन्य छात्राओं ने उतारा था। ऐसे में क्राइम सीन के जरिए ये जानने की कोशिश की जा रही है कि फंदा किस तरह बंधा हुआ था।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
ओ और वी मार्क गले पर फंदे से पड़ते हैं। चिकित्सकों के अनुसार ओ मार्क गला घोंटकर हत्या करने के मामले में अधिकांशता मिलता है। हालांकि उनका यह भी कहना है कि परिस्थितियों पर भी निर्भर करता है कि आत्महत्या के वक्त गले पर ओ मार्क आना संभव है। वहीं आत्महत्या के मामलों में कहा जाता है कि गर्दन पर पीछे की ओर जहां गांठ होती है रस्सी का वो हिस्सा खिंचाव के कारण ऊंचा होता है। इस कारण उस जगह पर निशान नहीं बनता है और गले में वी मार्क बन जाता है।
नवोदय विद्यालय में जांच के दौरान आईजी मोहित अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
मामले की विवेचना में जुटे अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने शव अस्पताल में देखा। अगर शव फंदे पर लटका देखा होता तो जांच में आसानी होती। हालांकि उनका कहना है कि जांच में यह तथ्य सामने आया है कि दुपट्टा बड़ा था। इस कारण उसे गले में कई बार लपेटा गया था।