आगरा में जनकपुरी महोत्सव के तीसरे दिन शुक्रवार रात को भव्य जनक महल से राजा जनक के स्वरूप आलोक अग्रवाल और रानी सुनयना की स्वरूप आरती अग्रवाल ने जानकी यानी सिया के स्वरूप को जब रुंधे गले और नम आंखों से विदा किया तो समूची मिथिला नगरी भावुक हो गई। पुष्पांजलि हाइट्स से नगर भ्रमण करते हुए शाम के समय जब भगवान के पांचों स्वरूप जनक मंच पर विराजमान हुए तो उनकी एक झलक पाने के लिए लाखों नर-नारी उमड़ पड़े।
जनकपुरी के मुख्य मंच के बाहर भक्तों का विहंगम दृश्य देखने को मिला। सूरज ढलने के साथ ही जानकी की विदाई तक हजारों रामभक्त घंटों जनकपुरी के मुख्य मंच के बाहर खड़े रहे। इस दौरान मंच पर कई बार दूसरे लोगों के आने से भक्तों को दर्शन में परेशानी हुई, जो अपने आराध्य को हर पल आंखों में भर लेना चाहते थे।
Janakpuri Mahotsav: बारिश के बीच जनकपुरी पहुंची श्रीराम की बारात, 'राजा जनक' ने उतारी आरती