जम्मू-कश्मीर के पुंछ इलाके में पाकिस्तानी गोलाबारी में शहीद हुए जयपुर के राजीव सिंह शेखावत की अस्थियां कासगंज के सोरों स्थित हरिपदी गंगा में विसर्जित की गईं। रविवार को शहीद के परिजन अस्थियां लेकर सोरों पहुंचे। यहां पुरोहित ने हरिपदी घाट पर विधि विधानपूर्वक अस्थियों का विसर्जन कराया।
विज्ञापन
2 of 6
भारत-पाकिस्तान बॉर्डर
- फोटो : सोशल मीडिया
राजस्थान के जिला जयपुर के गांव लोहाकना खुर्द निवासी राजीव सिंह शेखावत सेना में जवान थे। वो भारत-पाकिस्तान की नियंत्रण रेखा की अग्रिम चौकी पर तैनात थे। आठ फरवरी को नियंत्रण रेखा पर पुंछ इलाके में पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लघंन किया। इस नापाक हरकत का जवाब देते हुए राजीव सिंह शहीद हो गए थे।
विज्ञापन
3 of 6
शहीद के भाई से पूजन कराते पुरोहित
- फोटो : अमर उजाला
शहीद की अस्थियां लेकर परिजन रविवार को तीर्थनगरी सोरों पहुंचे। यहां उनके कुल पुरोहित अभिषेक तिवारी ने हरिपदी घाट पर विधि विधानपूर्वक शांतिपाठ कराया। इसके बाद शहीद की अस्थियों का विसर्जन हरिपदी गंगा में करवा दिया। शहीद की अस्थियों का विसर्जन उनके भाई संजय सिंह शेखावत ने किया।
4 of 6
शहीद राजीव सिंह शेखावत
- फोटो : अमर उजाला
शहीद के भाई संजय सिंह ने बताया कि राजीव सिंह वर्ष 2002 में सेना में भर्ती हुए थे। वो नायक के पद पर तैनात थे। अगले साल उनकी सेवानिवृत्ति होनी थी, लेकिन इससे पहले ही वो वीरगति को प्राप्त हो गए। परिवार को उनसे बिछड़ने का गम है तो उनकी शहादत पर गर्व भी।
विज्ञापन
5 of 6
हरिपदी गंगा में विसर्जित हुईं शहीद की अस्थियां
- फोटो : अमर उजाला
संजय सिंह ने बताया कि राजीव का 10 वर्ष का बेटा अधिराज है। पिता के जाने से वो काफी टूट गया है, लेकिन परिजनों का संकल्प है कि शहीद के बेटे को भी सेना में भेजकर देश सेवा की प्रेरणा देंगे। शहीद राजीव सिंह के पिता शंकर सिंह भी सेना में देश सेवा कर चुके हैं।
अस्थि विसर्जन कराने वाले पुरोहित अभिषेक तिवारी का कहना है कि तीर्थनगरी सोरों की हरिपदी गंगा में अस्थि विसर्जन का विशेष महत्व है। यहां विसर्जित की जाने वाली अस्थियां 24 घंटे में पानी में विलय हो जाती हैं और मृतक को मोक्ष की प्राप्ति होती है।