ललितपुर के विष्णु तिवारी को निर्दोष होते हुए भी दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट में 19 साल तक जेल में रहने के मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आगरा के मानवाधिकार कार्यकर्ता नरेश पारस की शिकायत पर मुख्य सचिव और डीजीपी उत्तर प्रदेश को पत्र लिखा गया है। इसमें दोषपूर्ण विवेचना पर विवेचक पर कार्रवाई और पीड़ित को मुआवजा दिलाने के लिए कहा है। आयोग ने छह सप्ताह में रिपोर्ट तलब की है।