आगरा: ताजमहल पर सीढ़ियों का फाइल फोटो
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ताजगंज में रात भर रहती थी चहलपहल
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान ने बताया कि चमकी मेले में इतने पर्यटक आते थे कि ताजगंज नहीं बल्कि यमुना किनारा, पुराने शहर और एमजी रोड के होटल भी कम पड़ जाते थे। ताजगंज में तो पूरी रात चहलपहल रहती थी। यमुना किनारा रोड पर पैदल लोगों की भीड़ दिखती थी। ताजमहल के विशाल परिसर में रोशनी के लिए पेट्रोमैक्स लगाए जाते थे। उन्होंने कहा कि शरद पूर्णिमा पर अंदर नहीं लेकिन बाहर ऐसा ही मेला लगना चाहिए। यमुना पार व्यू प्वाइंट और किले-ताज के बीच बागीचे में ऐसे आयोजन किए जा सकते हैं।