घर की देहरी से लेकर आश्रम के कमरे के बीच के सफर की कड़वी यादों ने रामलाल वृद्ध आश्रम में रह रहे बुजुर्गों को इतना तनाव दिया कि वे रक्तचाप का शिकार हो गए। आश्रम में लगाए गए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में 150 बुजुर्गों का रक्तचाप अधिक मिला है। 27 जून को लगाए गए शिविर में 200 बुजुर्गों के स्वास्थ्य की जांच की गई थी। आश्रम में रह रहे 67 साल के कन्हैया लाल का रक्तचाप भी बढ़ा हुआ मिला। उनका कहना था कि रक्त से रिश्ता जिस दिन टूटा, रक्तचाप उसी दिन से बढ़ा हुआ है। संतान के हाथ छुड़ाने के बाद के तनाव और चिंता ने उनको यह समस्या दी है। आश्रम के चिकित्सक डॉ. सुनील दीक्षित ने बताया कि बुजुर्गों में रक्तचाप के बाद दूसरी बड़ी स्वास्थ्य समस्या मधुमेह की रही। जांच करने पर 90 बुजुर्गों में मधुमेह बढ़ी मिली। कई बुजुर्गों ने हड्डियों में दर्द की समस्या भी बताई।
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राम लाल वृद्धा आश्रम
- फोटो : अमर उजाला
सिरदर्द हो रहा था तो दिखाया
आश्रम में रह रहे मुकेश रोहतगी ने बताया कि उनको सिरदर्द की समस्या आ रही थी। शिविर में परीक्षण कराने के बाद बताया गया कि मेरा रक्तचाप बढ़ा निकला है। चिकित्सक ने दवा दी है। उम्मीद है जल्द ठीक हो जाऊंगा।
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शिव प्रसाद शर्मा
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दस बुजुर्गों में पहली बार समस्या
रामलाल वृद्ध आश्रम के अध्यक्ष शिव प्रसाद शर्मा ने बताया कि 150 बुजुर्गों में से 10 में पहली बार उच्च रक्तचाप की समस्या मिली है। ये बुजुर्ग कुछ समय पहले ही आश्रम में आए हैं। 14 बुजुर्गों में पहली बार मधुमेह होने का पता चला है।
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दया दास
- फोटो : अमर उजाला
घर छूटने के बाद आई समस्या
आश्रम में रह रहे दया दास बलयानी का कहना है कि बेटे की काफी याद आती है। हमेशा घर के बारे में सोचता रहता हूं। कई बार खुद पर भी गुस्सा आता है। उच्च रक्तचाप की दिक्कत पहले नहीं थी। घर छूटने के बाद चिंता और तनाव से यह बढ़ा है।
रामलाल वृद्ध आश्रम में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व आश्रम में रहने वाले 200 मरीजों का चिकित्सीय परीक्षण किया गया। परीक्षण के बाद आई रिपोर्ट में ये बात सामने आई कि 150 वृद्धों को ब्लडप्रेशर की समस्या है।