पुलिसकर्मी सत्यपाल सिंह से ‘चमत्कारी’ बाबा बनने तक में सामाजिक सरोकार की भी बड़ी भूमिका रही। नौकरी छूटने के बाद ये सत्संग करने लगा। सत्संग में आने वाली महिलाओं की परेशानी सुनता। धन की जरूरत बताने पर सत्संग में आए श्रद्धालुओं से चंदा करवाते हुए मदद करता। इससे लोगों की श्रद्धा और अनुयायी उसके प्रति बढ़ते चली गई। उसके अनुयायियों में मुस्लिम भी हैं।
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साकार हरि बाबा
- फोटो : Facebook/Narayan sakar Hari
पड़ोसी जगदीश चंद्र ने बताया कि 25 साल पहले केदार नगर आवास पर सत्यपाल सिंह सत्संग करने लगा। शुरू में आसपास की महिलाएं आती थीं। चंदा एकत्रित कर मदद करने से घर-घर में पैठ बनती गई। अनुयायी दूरदराज से भी आने लगे।
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नारायण साकार हरि भोले बाबा
- फोटो : संवाद
पड़ोसी साबिर चौधरी ने बताया कि 30 साल पहले तक ये सामान्य आदमी की तरह रहता था। वर्ष 2000 के बाद से भोले बाबा यहां नहीं आया है। अनुयायी दूरदराज से यहां मत्था टेकने आते हैं। भोर 4 बजे से ही भीड़ जुटने लगती है।
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साकार हरि बाबा
- फोटो : Facebook/Narayan sakar Hari
कुटिया बंद रहती है और कभी-कभार साफ-सफाई के लिए अनुयायी खोलते हैं। शाम तक यही हाल रहता है। क्षेत्रीय नागरिक गगन और विक्की ने बताया कि हमने कोई चमत्कार नहीं देखा, लेकिन यहां हर मंगलवार को भीड़ अधिक होती है।
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साकार हरि बाबा
- फोटो : Facebook/Narayan sakar Hari
गोद ली बेटी को जिंदा करने के लिए चला था जाप
पड़ोसी साबिर चौधरी का कहना है कि बाबा ने अपने रिश्ते में साले की बेटी स्नेहलता को गोद लिया था। 24 साल पहले उसकी मौत होने पर शव को दो दिन यहां रखा गया।
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साकार हरि बाबा
- फोटो : अमर उजाला
भक्तों ने नारेबाजी की और बाबा से बेटी को जिंदा करने को कहा। बाद में बाबा शव को मल्ल का चबूतरा लेकर गया, वहां जिंदा करने के लिए जाप करने लगा, मैं भी गया था। हजाराें की भीड़ जुट गई। इस पर पुलिस ने सभी को खदेड़ा था।
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भोले बाबा मैनपुरी आश्रम पर अपने अनुयायियों के साथ मौजूद है।
- फोटो : संवाद
अभुआपुरा आश्रम पर भी पहुंचते हैं अनुयायी
जयपुर हाईवे पर अभुआपुरा स्थित नारायण साकार विश्व हरि चैरिटेबल ट्रस्ट का आश्रम है। इसे बीते साल खरीदा गया था। यहां भी रोजाना अनुयायी आश्रम के गेट पर मत्था टेकने आते हैं। 2019 में किरावली के गांव नगला भरंगरपुर विधापुर में भोले बाबा का सत्संग 15 दिन तक चला था। इसमें भारी संख्या में लोग सत्संग सुनने आते थे।
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मैनपुरी के बिछवां स्थित भोले बाबा का आश्रम
- फोटो : संवाद
भगदड़ में 121 श्रद्धालुओं की हुई मौत
हाथरस के सिकंदराराऊ में हुई भगदड़ में 121 श्रद्धालुओं की मौत हुई है, जिनमें से 106 की पहचान यूपी के 17 जिलों के निवासियों के रूप में हुई है, जबकि छह देश के अलग अलग राज्यों के निवासी हैं। बाकी की पहचान के प्रयास जारी हैं।
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घायलों से हालचाल लेते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
इन सभी को राज्य-केंद्र सरकार मिलकर मुआवजा देगी। हादसे में 38 लोग घायल हैं, जो खतरे से बाहर हैं। सीएम योगी ने बुधवार को खुद हाथरस के जिला अस्पताल में घायलों का हाल जाना। चश्मदीद घायलों से बात की।
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hathras stampede
- फोटो : पीटीआई
सीएम के अनुसार हादसे में उत्तर प्रदेश के साथ-साथ 3 अन्य राज्यों के श्रद्धालु भी शामिल हैं। जिनकी मौत हुई है। अब तक शिनाख्त के अनुसार मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक, हरियाणा के पलवल से एक और फरीदाबाद से तीन, जबकि राजस्थान के डीग से एक की मौत हुई है।
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hathras stampede
- फोटो : पीटीआई
इसी तरह उत्तर प्रदेश के मृतकों में सर्वाधिक 22 मृतक हाथरस से हैं, जबकि आगरा से 17, अलीगढ़ से 15, एटा से 10, कासगंज और मथुरा से 8-8, बदायूं से 6, शाहजहांपुर और बुलंदशहर से 5-5, औरैया और संभल से 2-2, जबकि ललितपुर, फिरोजाबाद, गौतमबुद्धनगर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और उन्नाव से एक-एक श्रद्धालु की मृत्यु हुई है।
कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश से बाहर के छह और उत्तर प्रदेश के 106 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। 121 में से अब तक 112 की शिनाख्त हुई है। इन 121 मृतकों में से 113 महिलाएं, 6 बच्चे (5 बच्चे और 1 बच्ची) और दो पुरुष शामिल हैं। प्रशासन की ओर से कंट्रोल रूम/हेल्पलाइन नंबर 05722-227041, 42, 43, 45 भी जारी किया गया है।