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Hathras Case: कीचड़ में सने थे शव, नाक-कान में गंदगी भरने से घुट गया दम; लाशों का ऐसा हाल देख सिहर उठे डॉक्टर

Thu, 04 Jul 2024 02:32 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
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Hathras Stampede - फोटो : अमर उजाला
हाथरस हादसे की विभीषिका की गवाही कीचड़ में सने शव बयां कर रहे थे। डॉक्टरों ने जब पोस्टमार्टम किया तो वो भी सिहर गए। शव कीचड़ में सने थे। नाक, कान में गंदगी भरी थी। पसलियां टूटकर फेफड़ों में समा गई थीं। खून भी भर गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक अधिकांश की मौत दम घुटने से हुई है।

 
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हाथरस भगदड़ मामला - फोटो : अमर उजाला
एसएन मेडिकल कॉलेज स्थित पोस्टमार्टम में 21 शवों का पोस्टमार्टम हुआ। ये सभी महिलाएं हैं। इनकी उम्र 35 से 70 साल रही। पोस्टमार्टम के लिए 8 डॉक्टरों की टीम लगी रही। पहला शव मंगलवार की शाम 7 बजे आ गया था, 9 बजे पोस्टमार्टम हो गया।
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बाबा की पिंक आर्मी का कहर - फोटो : अमर उजाला
रात डेढ़ बजे 9 शव लेकर बस आईं। इसके बाद एंबुलेंस में शव आते गए। बुधवार की दोपहर 1 बजे तक पोस्टमार्टम हुआ। करीब 16 घंटे में 21 शवों का पोस्टमार्टम किया गया।
 

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hathras stampede - फोटो : पीटीआई
चिकित्सकों ने बताया कि शवों की हालत बहुत खराब थी। कीचड़, मिट्टी से शरीर सना था। सिर, हाथ-पैर, छाती समेत अलग-अलग जगह की एक से अधिक हड्डियां टूटीं थीं।
 
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hathras stampede - फोटो : पीटीआई
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि पोस्टमार्टम में मौत की वजह दम घुटने और शॉक एंड हेमरेज मिली है। 15 की दम घुटने से मौत हुई है। 3 के पसली फेफड़ों में घुसने से शॉक एंड हेमरेज और 3 के सिर में चोट लगने से ब्रेन हेमरेज हो गया था।
 
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hathras stampede - फोटो : पीटीआई
चेहरे पर थकान के बावजूद रात भर जुटी रही चिकित्सकों की टीम
हाथरस सत्संग में 121 लोगों की मौत और 38 से अधिक लोगों के घायल होने की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया। अलीगढ़ में जब मृतकों के शव आने लगे तो यहां भी मातम पसर गया। चिकित्सकों की टीम ने एक दिन में बिना रुके 37 शवों का पोस्टमार्टम किया।
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hathras stampede - फोटो : पीटीआई
हाथरस हादसे ने 2001 में हुए शराब कांड की उस पुरानी घटना की याद दिला दी जब एक दिन में 48 शवों को पोस्टमार्टम हुए थे। पोस्टमार्टम हाउस पर पिछले 24 घंटे से अधिक समय से सीएमओ के नेतृत्व में चिकित्सकों, फार्मासिस्ट आदि की संयुक्त टीम बिना थके अपने कर्तव्य के निर्वहन में विचलित हुए बिना जुटी रही। इसके बाद भी टीम देर शाम तक अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रही।

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hathras stampede - फोटो : पीटीआई
चीत्कार से गूंजता रहा पोस्टमार्टम हाउस
हाथरस हादसे की खबर मिलने के बाद डीएम विशाख जी. एसएसपी संजीव सुमन समेत अन्य प्रशासनिक अफसरों में खलबली मच गई। हादसे में बड़ी संख्या में हताहतों की जानकारी पर स्वास्थ्य विभाग की टीम भी सीएमओ के नेतृत्व में पोस्टमार्टम में जुट गई। 



 
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Hathras Satsang Stampede News - फोटो : अमर उजाला
रात साढ़े नौ बजे से पोस्टमार्टम करने का शुरू हुआ सिलसिला बुधवार सुबह तक जारी रहा। यहां शवों के पंचनामे की औपचारिकताओं को पूरा कराने के बाद रात भर पोस्टमार्टम चलता रहा। एक के बाद एक जिला अस्पताल, जेएन मेडिकल कॉलेज व सीधे हाथरस से एंबुलेंस, शव वाहन व पुलिस वाहनों से शवों को लेकर आने का सिलसिला शुरू हो गया।
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