हाथरस जाते समय पांच अक्तूबर को मांट टोल प्लाजा पर गिरफ्तार किए गए चार संदिग्ध विदेशी फंडिंग से देश में दंगा भड़काना चाहते थे। वेबसाइट के माध्यम से विदेशी चंदा एकत्र कर हाथरस की घटना के संबंध में अफवाह फैलाकर जातिगत हिंसा भड़काने की कोशिश की गई। इस मामले में बुधवार को चारों के खिलाफ थाना मांट में मुकदमा दर्ज कराया गया है। चारों को सीजेएम की कोर्ट में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इन चारों संदिग्धों पर यूएपीए कानून के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
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चारों संदिग्धों को मथुरा कोर्ट ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मांट थाने के उपनिरीक्षक प्रबल प्रताप सिंह की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में कहा गया है कि अतीकुर्रहमान पुत्र रौनक अली निवासी नगला थाना रतनपुरी मुजफ्फरनगर, सिद्दीक पुत्र मोहम्मद चैरूर निवासी बेंगारा थाना मल्लपुरम केरल, मसूद अहमद निवासी जरवल थाना व कस्बा जरूर रोड जनपद बहराइच, आलम पुत्र लाइक पहलवान निवासी घेर फतेह खान थाना कोतवाली जनपद रामपुर को मांट टोल प्लाजा पर पांच अक्तूबर को गिरफ्तार कर धारा 151, 107/116 में जेल भेजा गया।
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पुलिस हिरासत में कोर्ट जाते चारों संदिग्ध
- फोटो : अमर उजाला
चारों से बरामद लैपटॉप, छह मोबाइल फोन तथा जस्टिस फॉर हाथरस विक्टिम पैम्फलेट की जांच की गई तो पता चला कि साजिश के तहत चारों लोग शांतिभंग करने के लिए हाथरस जा रहे थे। इसी साजिश के तहत दंगा भड़काने की नीयत से धरना-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। विदेशी फंडिंग के लिए कार्ड डॉट को नामक वेबसाइट का संचालन किया जा रहा है।
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मथुरा न्यायालय परिसर में चारों संदिग्ध
- फोटो : अमर उजाला
विदेशी चंदे के लिए जो प्रक्रिया अपनाई जा रही है, वह भी अवैध है। अत: इस धनराशि को जब्त किया जाना चाहिए। एम आई नॉट इंडियाज डॉटर, मेड विद कार्ड आदि बरामद पैम्फलेट दंगा भड़काने वाले हैं। वेबसाइट से जुड़े संगठन तथा कार्यकर्ताओं द्वारा भीड़ एकत्र करने, अफवाह फैलाने तथा चंदा एकत्र करने का कार्य न्याय दिलाने की आड़ में किया जा रहा है।
न्यायालय में पेश किए चारों संदिग्ध
- फोटो : अमर उजाला
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
153 ए आईपीसी
295 ए आईपीसी
124 ए आईपीसी
गैरकानूनी गतिविधि अधिनियम 1967 - 14 और 17
आईटी एक्ट - 65, 72, 76
मांट टोल प्लाजा पर गिरफ्तार किए गए चार संदिग्धों के खिलाफ देशद्रोह समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्जकर जेल भेजा गया है। इस मुकदमे की जांच थाना मांट प्रभारी भीम सिंह जावला को सौंपी है। - डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी।