वायु सेना प्रमुख आरके सिंह भदौरिया के गांव कोरथ के गर्व से भरे युवक एयर फोर्स में भर्ती होना चाहते हैं। इसके लिए वे रोजाना चंबल के बीहड़ में पसीना भी बहा रहे हैं। यह हौसला उन्हें वायु सेना प्रमुख की उपलब्धियों ने भरा है।
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राकेश कुमार सिंह भदौरिया
- फोटो : IAF Twitter
आरबी-01 वायु सेना प्रमुख के नाम पर राफेल को पहचान यू हीं नहीं मिली है। राफेल खरीद से लेकर उड़ान तक, पाकिस्तान से लेकर चीन के बार्डर तक तैनाती कर उन्होंने दुश्मन की नींद उड़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
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राकेश कुमार सिंह भदौरिया
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चंबल के बीहड़ में पले बढ़े आरके सिंह भदौरिया के गांव कोरथ के वीर सपूतों ने 1962, 1965, 1971 की जंग में दुश्मन सेना को घुटने टेकने पर मजबूर किया था।
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राकेश कुमार सिंह भदौरिया
- फोटो : IAF Twitter
कारगिल जंग में लायक सिंह भदौरिया ने अपनी कुर्बानी दी थी। सेना यहां के युवकों की पहली पंसद थी। लेकिन अब वे वायु सेना में शामिल होना चाहते हैं।
वायुसेना प्रमुख के पारिवारिक भतीजे सूरज ने बताया कि वायु सेना में भर्ती होने के लिए खूब मेहनत कर रहे हैं। भतीजा विवेक भी वायु सेना अफसर बनने के लिए पढ़ाई के साथ ही नियमित अभ्यास कर रहे हैं।