भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ा स्थली गोवर्धन में मंगलवार को आस्था की अद्भुत दुनिया की झलक दिखाई दी। भारतीय परिधान में विदेशी भक्तों के मुख से हरिनाम संकीर्तन के साथ भारतीय संस्कृति की बिखरती छटा देखते ही बन रही थी। किसी के सिर पर मटकी थी तो कोई छप्पन भोग की छबरी लेकर यहां आया था। मौका था अतंरराष्ट्रीय गौड़ीय वेदांत समिति के गोवर्धन महोत्सव दौरान निकाली गई शोभायात्रा का, जिसमें 70 देशों के भक्ति शामिल हुए।
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शोभायात्रा में शामिल भक्त
- फोटो : अमर उजाला
वैसे तो पंच महोत्सव के तहत सोमवार को गोवर्धन पूजा व अन्नकूट महोत्सव मनाया गया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय गौड़ीय वेदांत समिति की ओर से मथुरा और गोवर्धन में मंगलवार को गोवर्धन पूजा का आयोजन किया गया। देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर से आए विदेशी भक्तों ने द्वापर युग की परंपरा को निभाते हुए विधि-विधान से गिरिराज महाराज की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर गोवर्धन में आस्था की अद्भुत दुनिया की झलक दिखाई दी।
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दानघाटी मंदिर के बाहर भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
गोवर्धन के गिरिराज मुकुट मुखारविंद मंदिर से सवा मन के लड्डू के भोग के साथ शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें शामिल विदेशी भक्त भारतीय संस्कृति और परंपरा में रंगे नजर आए।
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भारतीय परिधान में विदेशी भक्त
- फोटो : अमर उजाला
विदेशी महिलाएं भारतीय परिधान पहन सिर पर मटकी एवं छबरिया रखकर चल रही थीं। शोभायात्रा में 'तेरे माथे मुकुट विराज रहे हो गोवर्धन महाराज..' की धुन पर श्रद्धालु नृत्य करते हुए चल रहे थे।
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गिरिराज जी का अभिषेक करते भक्त
- फोटो : अमर उजाला
गोवर्धन पूजा महोत्सव में ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, रूस, कनाडा, जापान समेत 43 देशों के भक्तों ने भाग लिया। विदेशी भक्तों ने पंचामृत से गिरिराज महाराज का अभिषेक किया। इस दौरान गिरिराज तलहटी जयकारों से गूंजायमान रही।
गिरिराज मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
इससे पूर्व सोमवार को गोवर्धन पूजा के उपलक्ष्य में लाखों भक्तों ने गिरिराज जी की परिक्रमा लगाई। भोर बेला में दानघाटी मंदिर में सेवाधिकारी मथुरादास कौशिक ने गिरिराज जी का पंचामृत से मंगला अभिषेक किया।