ताजनगरी में हाल ही में वाटरवर्क्स से युवती को कार में बैठाकर सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी। आरोपी युवती को फरह तक गाड़ी में ले गए थे। इसके बाद ताजगंज क्षेत्र के होटल में सामूहिक दुष्कर्म के बाद युवती को कार से फतेहाबाद मार्ग पर फेंक दिया गया। इन घटनाओं ने महिला सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिया है। यह दो इलाके ही नहीं, कई इलाके लड़कियों के लिए असुरक्षित हैं। रात ही नहीं, दिन में भी निकल पाना मुश्किल हो जाता है। रास्तों पर अपराधी तत्वों के साथ मनचले मंडराते रहते हैं। स्कूल-कॉलेज बंद होने के बाद पुलिस का एंटी रोमियो स्क्वायड कहीं नजर नहीं आ रहा है। अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को इन इलाकों में सुरक्षा की पड़ताल की।
विज्ञापन
2 of 8
दयालबाग मार्ग
- फोटो : अमर उजाला
दयालबाग मार्ग : बाइक से चक्कर लगाते दिखे युवा
शुक्रवार दोपहर को दयालबाग मार्ग पर पोइया घाट के पास छात्राओं का आना-जाना लगा हुआ था। बाइक से युवक चक्कर लगाते दिखे। इन युवकों को रोकने टोकने वाला कोई नहीं था। इस मार्ग पर एंटी रोमियो स्क्वायड कहां है, यह किसी को नहीं पता है।
यह हुई थी घटना
दिसंबर 2018 में भगवान टाकीज से अगवा कर बीटेक छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी। युवक छात्रा को पोइया घाट के पास एकांत में ले गए थे। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजा था।
विज्ञापन
3 of 8
रामबाग
- फोटो : अमर उजाला
कभी-कभी आता है एंटी रोमियो स्क्वैड
रामबाग : दोपहर 1:30 बजे
रामबाग स्मारक में अमूमन स्थानीय लोग ही आते हैं। युगलों की संख्या भी अधिक रहती है। स्मारक के गेट के बाहर ही ऑटो खड़े हुए थे। पान मसाला और सिगरेट के खोखे और ठेल भी लगी हुई थीं। यहां पर एंटी रोमियो स्क्वैड कभी कभार ही आता है। इस बारे में बाग के गार्ड ने बताया। उसका कहना है कि वह खुद ही सुरक्षा संभालते हैं।
घटना
पिछले साल एत्मादपुर क्षेत्र में झरना नाले के पास पति के साथ जा रही विवाहिता को रोककर तीन युवक जंगल में ले गए थे। इसके बाद तीनों ने विवाहिता के साथ दुष्कर्म किया था। मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
4 of 8
एत्माद्दौला स्मारक के बाहर नहीं दिखे पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
नहीं दिखे पुलिसकर्मी
एत्माद्दौला स्मारक: दोपहर दो बजे
एत्माद्दौला थाने के पास ही स्थित स्मारक में इन दिनों पर्यटकों की संख्या काफी कम है। स्थानीय युवक और युवतियां ही आते हैं। स्मारक के आसपास पुलिसकर्मी कहीं नजर नहीं आए।
घटना
डेढ़ साल पहले एत्माद्दौला स्मारक से 250 मीटर दूर घाट स्टेशन रोड पर एक महिला से दुष्कर्म हुआ था। उसकी हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने घटना का खुलासा किया था।
विज्ञापन
5 of 8
आगरा किले के बाहर रहता है लपकों का जमघट
- फोटो : अमर उजाला
युवतियां निकल रही थी, खड़े थे मनचले
आगरा किला : शाम 4:30 बजे
बिजली घर से आगरा किला मार्ग सुनसान रहता है। शाम को कुछ युवतियां रास्ते से निकल रही थीं। फुटपाथ पर कुछ लड़के खड़े थे। पुलिस कहीं नजर नहीं आ रही है, जबकि आगरा किला में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। किला के गेट के सामने ही पुलिस का बूथ भी है।
सुबह-शाम निकलती रहती हैं छात्राएं
केंद्रीय हिंदी संस्थान मार्ग: शाम तकरीबन 5:45 बजे
केंद्रीय हिंदी संस्थान मार्ग पर कॉलेज और स्कूलों की छात्राओं का अममून सुबह शाम निकलना रहता है। संस्थान में विदेशी छात्राएं भी पढ़ती हैं। इसके बावजूद मार्ग पर एंटी रोमियो स्क्वैड नजर नहीं आता है। शाम को तीन छात्राएं जा रही थीं। मगर, 500 मीटर के इलाके में कहीं पुलिस नहीं थी।
विज्ञापन
6 of 8
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह
समयानुसार ड्यूटी करते हैं पुलिसकर्मी
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि शहर में तीन एंटी रोमियो स्क्वायड हैं। इसके अलावा थाना पुलिस की भी ड्यूटी रहती है। स्कूल और कॉलेजों के खुलने और छुट्टी के समय एंटी रोमियो स्क्वैड की ड्यूटी रहती है। इन दिनों स्कूल-कॉलेज बंद हैं। इसके अलावा बाजारों में भी ड्यूटी रहती है। इनके अलग-अलग प्वाइंट बने हुए हैं। समयानुसार पुलिसकर्मी ड्यूटी करते हैं।
विज्ञापन
7 of 8
केंद्रीय हिंदी संस्थान मार्ग
- फोटो : अमर उजाला
'कॉलेज के आसपास मनचले रहते हैं'
शिक्षिका इंदु ने कहा कि मैं सिकंदरा क्षेत्र के एक कॉलेज में कार्यरत हूं। कॉलेज के आसपास मनचलों का जमावड़ा रहता है। इस कारण छात्राओं को आने-जाने में परेशानी होती है। एंटी रोमियो स्क्वैड कभी नहीं नजर आता है।
'लड़कियों को घूरते रहते हैं
शिक्षिका क्षमा जैन ने कहा कि खंदारी क्षेत्र में रास्ते में पान-मसाला और शराब की दुकानों के बाहर युवक खड़े रहते हैं। वह महिलाओं और लड़कियों को घूरते हैं। पुलिस खड़ी नहीं होने की वजह से वह छींटाकशी करने से भी नहीं चूकते हैं।
'पुलिस नहीं है गंभीर'
शिक्षिका विनीता ने बताया कि महिला अपराध के मामले में पुलिस गंभीर नहीं है। कई बार लड़कियां परेशानी की वजह से शिकायत नहीं करती हैं। अगर, शिकायत कर भी देती हैं तो पुलिस गंभीरता नहीं दिखाती है। पीड़िता से ही सवाल किए जाते हैं।
प्रमुख बाजारों में तैनात नहीं रहती पुलिस
शहरवासी निशि ने बताया कि प्रमुख बाजारों में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए पुलिस नहीं रहती है। कई बार पर्स चोरी और छेड़छाड़ की घटनाएं भी हो जाती हैं। मगर, पुलिस नहीं होने की वजह से आरोपी नहीं पकड़े जाते हैं।
कॉलोनी में भी मनचले काटते हैं चक्कर
शहरवासी राखी ने कहा कि कॉलोनी में भी मनचले चक्कर काटने लगे हैं। इस कारण घर से बाहर निकलने में डर लगता है। पुलिस से शिकायत करने पर उन्हीं से सवाल पूछे जाते हैं। पुलिस का मूवमेंट होगा तो मनचलों पर रोक लगाई जा सकती है।
एक छात्रा ने बताया कि कई बार कॉलेज में पुलिस आती जरूर है, लेकिन उसका फायदा नजर नहीं आता है। राह चलते मनचलों पर रोेक नहीं लगाई जाती है। पुलिस को चाहिए कि वह मनचलों के खिलाफ कार्रवाई करें।