गिरिराज तलहटी में कार्तिक पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गिरिराज जी की परिक्रमा लगाई। गिरिराज जी के जयकारों से परिक्रमा मार्ग गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं की मानव श्रृंखला सी बन गई।
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गोवर्धन परिक्रमा में श्रद्धालुओं का सैलाब
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को गिरिराज तलहटी में आस्था और भक्ति के कदम सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग में बढ़े तो प्रशासनिक व्यवस्थाओं ने दम तोड़ दिया। परिक्रमा मार्ग में घूम रहे बहुतायत संख्या में ई-रिक्शा से श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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गिरिराजजी मंदिर पर दर्शन करने आए भक्त
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली से गिरिराज जी की परिक्रमा करने आए सुरेश गोयल ने बताया कि दानघाटी मंदिर में गिरिराज प्रभु का दुग्धाभिषेक कर परिक्रमा प्रारंभ की। गिरिराज परिक्रमा का राजस्थान अंतर्गत डीग के गांव पूंछरी में स्थित अप्सरा कुंड भक्ति व आस्था के लौ रूपी दीपकों की रोशनी से झिलमिला उठा। प्राचीन अप्सरा कुंड, नवल कुंड सहित राजस्थान सीमा अंतर्गत परिक्रमा मार्ग दीपों की रोशनी से झिलमिला गया।
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परिक्रमा लगाते भक्त
- फोटो : अमर उजाला
कार्तिक मास के अवसर पर पूंछरी के दाऊजी मंदिर के महंत बृजबिहारीशरण उर्फ विजय ने पांच हजार दीपकों का दीपदान किया। तिल के तेल से भरी चौमुखी दीपकों की लौ से कुंडों सहित कच्ची परिक्रमा झिलमिला गई।
इस बार कोरोना को देखते हुए दीपदान के कार्यक्रम को सांकेतिक रखा गया। दीपदान के बारे में जानकारी देते हुए विजय बाबा ने बताया कि दीपदान से ईश्वर प्रसन्न होते हैं। अंधेरा समाप्त होता है। उन्होंने कहा की गिरिराजजी से कोरोना महामारी से छुटकारा दिलाने की प्रार्थना की गई है।