जम्मू-कश्मीर के बडगाम में हेलीकॉप्टर हादसे में दिवंगत हुए मथुरा के जांबाज पंकज नौहवार की अंतिम यात्रा में जन सैलाब उमड़ पड़ा। गांव जरैलिया से करीब पांच किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। यमुना एक्सप्रेस-वे के बाजना कट के समीप सैन्य सम्मान के साथ पंकज का अंतिम संस्कार किया गया। जब डेढ़ साल के बेटे ने जांबाज पिता की चिता को मुखाग्नि दी तो लोगों का आंखों में आसुओं का सैलाब आ गया।
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एयरमैन पंकज के अंतिम दर्शन को उमड़ी भीड़
तिरंगे में लिपटे जांबाज का पार्थिव शरीर पहले उनके मथुरा के बालाजीपुरम स्थित आवास पर पहुंचा और यहां से उनके गांव जरैलिया ले जाया गया। उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। हर तरफ जनसमुदाय दिखाई दिया। जब तक सूरज चांद रहेगा, पंकज तुम्हारा नाम रहेगा। भारत माता की जय। हिंदुस्तान जिंदाबाद के जयकारों के बीच मथुरा के लाल पंकज नौहवार की अंतिम यात्रा निकली।
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शहीद पंकज के सम्मान में निकाली तिरंगा यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
रास्ते में यमुना एक्सप्रेसवे पर हाथ में तिरंगा लेकर खड़े क्षेत्रीय लोगों ने जयकारों के साथ श्रद्धांजलि दी। ..पंकज भैया अमर रहे जैसे नारों से एक्सप्रेसवे भी गूंज उठा था। स्थिति यह थी कि यहां से गुजर रहे लोगों ने अपने वाहनों को रोक लिया और जयहिंद बोलकर श्रद्धांजलि दी।
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पंकज के पार्थिव शरीर के पास रोते बिलखते परिजन
तिरंगे में लिपटे पति पंकज को देखकर पत्नी मेघा रो रोकर बेसुध हो गई। किसी तरह परिजनों ने उन्हें संभाला। वहीं देश को वीर सपूत देने वाली मां का तो मानो कलेजा ही फट गया। पिता की आंखों में गम के आंसू थे तो चेहरे पर गर्व दिखाई दिया। पंकज का डेढ़ वर्षीय बेटा पापा पापा कहकर बिलख रहा था।
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जांबाज पंकज की अंतिम यात्रा में शामिल लोग
बाजना होते हुए जैसे ही शहीद की अंतिम यात्रा उनके गांव जरैलिया पहुंची हर कोई अपने लाल की एक झलक पाने को बेताब दिखा। जिसे जहां से मौका मिला वहां पहुंच गया। कोई मकान की छत पर खड़ा हो गया तो कोई दीवार पर। हजारों की भीड़ थी। आगे आगे हाथ में तिरंगा थामे नौजवानों की टोलियां चल रही थीं। भारत माता के जयकारों से पूरा गांव गूंज उठा।
सेना के वाहन से पंकज का पार्थिव शरीर यमुना एक्सप्रेसवे के बाजना कट के समीप अंत्येष्टि स्थल पर लाया गया। अंत्येष्टि स्थल को फूलों से सजाया गया। यहां सैन्य सम्मान के साथ पंकज का अंतिम संस्कार किया गया। डेढ़ साल के बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद लोगों की आंखों से आंसू नहीं रुके। मासूम बेटा भी बिलख बिलख कर रो रहा था।