एटा में सपा नेताओं का शहर में प्रेमनगर स्थित आवास भी मंगलवार को जब्त कर लिया गया। एक दिन पहले ही इसे खाली करने के लिए सपा नेताओं के परिजनों को अल्टीमेटम दे दिया गया था। अलीगंज के पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव और उनके भाई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की रिपोर्ट 18 अप्रैल को कोतवाली नगर में लिखी गई थी। जबकि 17 जून को डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 14-1 की कार्रवाई करते हुए दोनों नेताओं की करीब 29 करोड़ की संपत्ति जब्त करने का आदेश जारी किया था। इसके साथ ही दोनों की संपत्तियों को कुर्क कर जब्त करने का सिलसिला शुरू हो गया। एटा सदर और अलीगंज तहसील में दोनों की तमाम कृषि भूमि, फार्म हाउस, स्कूल, आवास, मैरिज होम आदि जब्त कर लिए गए। मंगलवार को शहर के प्रेमनगर में स्थित आवास पर जब्तीकरण कार्रवाई की गई। यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
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सपा नेता जुगेंद्र सिंह यादव और रामेश्वर सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
यहीं सपा नेता जुगेंद्र सिंह अपने परिवार सहित रहते थे। यहां नोटिस चस्पा होने के बाद भी परिजन रह रहे थे। इसे लेकर सोमवार को वहां पहुंचे तहसीलदार सदर सीपी सिंह ने परिजन को चेतावनी देते हुए मंगलवार तक हर हाल में आवास खाली करने को कहा था। मंगलवार को नायब तहसीलदार शाश्वत अग्रवाल पुलिस फोर्स लेकर प्रेमनगर पहुंचे।
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सीलिंग की कार्रवाई करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
घर के अंदर आठ-दस परिजन मौजूद थे। इन सबको कार्रवाई में सहयोग करने का हवाला देते हुए बाहर निकलवाया गया। इसके बाद ताले डाल सील लगा दी गई। साथ ही आवास को जब्त करने की मुनादी भी कराई गई। नायब तहसीलदार ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में कार्रवाई की गई है। अब यह संपत्ति सरकार के अधीन हो गई है।
बता दें एक दिन पहले ही सपा नेता भाइयों के जैथरा कस्बा स्थित मैरिज होम को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया था। यह मैरिज होम सरकारी बंजर जमीन पर बना था। प्रशासन ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए करीब 2180 वर्ग मीटर सरकारी जमीन को मुक्त कराया गया। साथ ही सरकारी जमीन के उपयोग को लेकर डेढ़ करोड़ रुपये जुर्माना भी ठोंका गया है।
पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
सपा नेताओं ने अपनी पत्नियों के नाम विकासखंड कार्यालय के पास जमीन के बैनामे कराए और आरएस मैरिज होम का निर्माण कराया था। इसमें से 2180 वर्गमीटर सरकारी बंजर जमीन कब्जाने का आरोप है, जिसका मुकदमा तहसीलदार न्यायालय में चला। बेदखली का आदेश जारी होने के बाद सोमवार को एसडीएम मानवेंद्र सिंह, तहसीलदार राकेश कुमार त्यागी, सीओ राजकुमार सिंह, नायब तहसीलदार विक्रम सिंह चाहर पूरे अलीगंज सर्किल के पुलिसबल सहित वहां पहुंचे। तीन जेसीबी मशीन से ध्वस्तीकरण कार्रवाई शुरू करा दी गई। बंजर जमीन वाले हिस्से पर हॉल बना हुआ था और मुख्य द्वार था। इसे ध्वस्त करा दिया गया।