आगरा की चंबल में आई बाढ़ से बृहस्पतिवार को 26 साल पुराना रिकार्ड टूट सकता है। तब 1996 में चंबल का अधिकतम जलस्तर 136.60 मीटर था, जो आज शाम 5 बजे तक 136.80 मीटर से अधिक हो सकता है। हालांकि बृहस्पतिवार की सुबह 9.30 बजे तक नदी का जल स्तर 135.80 पंहुच गया, जो रिकॉर्ड से मामूली कम है। 1996 में आई बाढ़ में 25 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए थे। ऐसे में फिर बाढ़ से लोग बेघर हो सकते हैं।
जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने बुधवार को चंबल में बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया है। डीएम ने बताया कि बुधवार शाम 6 बजे तक धौलपुर में चंबल खतरे के निशान से 14 मीटर ऊपर बह रही है। धौलपुर में 130 मीटर पर लाल निशान है, जबकि जलस्तर 144 मीटर पहुंच गया है। शाम को चंबल में 20 लाख क्यूसेक पानी की आवक थी। जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि बृहस्पतिवार शाम तक पिनाहट में चंबल रिकार्ड 136.80 मीटर से ऊपर पहुंच सकती है।
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उफनाई चंबल
- फोटो : अमर उजाला
पिनाहट में खतरे का निशान 130 मीटर है, जबकि बुधवार को चंबल जलस्तर लाल निशान से 4 मीटर अधिक है। केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार बृहस्पतिवार को चंबल में 25 लाख क्यूसेक पानी की आवक होगी। ऐसे में बाह और पिनाहट में हालात बिगड़ सकते हैं। बुधवार से ही 20 से अधिक गांव में पानी भरने लगा है। 50 गांव में अलर्ट है। खेत-खिलहानों के साथ स्कूल, घर व अन्य भवन डूब गए हैं। ग्रामीणों को पलायन करना पड़ रहा है।
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चंबल में बाढ़
- फोटो : अमर उजाला
कब-कब आई बाढ़
- 24 अगस्त 1996 को बाढ़ आई, तब जलस्तर 136.60 मीटर था। तब24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।
- 17 सितंबर 2019 को बाढ़ आई, तब जलस्तर 136.10 मीटर था। तब 22 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।
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कोटा बैराज से छोड़ा गया चंबल में पानी
- फोटो : अमर उजाला
- 5 अगस्त 2021 को बाढ़ आई, तब जलस्तर 135.70 मीटर था। तब 21.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।
- 24 अगस्त 2022 को बाढ़ आई, अब जलस्तर 134 मीटर है। 20 लाख क्यूसेक पानी चंबल में छोड़ा गया है।
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चंबल के पास पुलिस को किया गया तैनात
- फोटो : Amar Ujala Digital
बाह के 10 गांवों मऊ की मढै़या, गोहरा, रानी पुरा, भटपुरा, गुढ़ा, झरना पुरा, डगोरा, कछियारा, रेहा, उमरैठापुरा का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है। बाढ़ के आगे बेबस लोग अपने गांव छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। रात से ग्रामीणों के सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का सिलसिला जारी है।
पुरा शिवलाल, पुरा डाल, पुरा भगवान, धांधू पुरा, बीच का पुरा, कएडी, जगतूपुरा, कुंवर खेड़ा, बासौनी, जेबरा, कमौनी, उदयपुर खुर्द, खेड़ा राठौर, महुआशाला, नंदगवां, बाघराज पुरा, कोरथ आदि गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। एसडीएम रतन वर्मा ने बताया कि 38 गांव में बाढ़ का खतरा है।