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Flood in Chambal: चंबल ने खतरे का निशान किया पार, गांव में घुसा बाढ़ का पानी, खो गईं सड़कें, सबकुछ हुआ जलमग्न

Thu, 25 Aug 2022 09:22 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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चंबल में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
आगरा जिले के बाह और पिनाहट क्षेत्र में चंबल नदी में बाढ़ आ चुकी है। नदी का जलस्तर मंगलवार रात खतरे के निशान को पार कर गया, जिसके बाद बृहस्पतिवार की सुबह गांव, घर और खेत-खलिहानों में बाढ़ का पानी भर गया है। सुबह 6 बजे तक नदी का जल स्तर 135.40 पंहुचने से सीमावर्ती गावों में हड़कंप मच गया। बाढ़ से बचने के लिए ग्रामीणों ने रात में ही गांव से बाहर निकलना शुरू कर दिया। गांव के लोगों ने अपने जानवरों के साथ बीहड़ के ऊंचे टीलों पर रात गुजारी। 

कोटा बैराज से 12 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद चंबल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार की सुबह 6 बजे तक नदी का जलस्तर 135.40 मीटर पर पहुंच गया। जबकि खतरे का निशान 130 मीटर है। 17 से अधिक गांवों का संपर्क तहसील व जिला मुख्यालय से कट गया है। स्कूल, खेत खलिहान और घरों में पानी भरने लगा है।
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बाढ़ में डूब गया घर - फोटो : अमर उजाला
बाह के 10 गांवों मऊ की मढै़या, गोहरा, रानी पुरा, भटपुरा, गुढ़ा, झरना पुरा, डगोरा, कछियारा, रेहा, उमरैठापुरा का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है। बाढ़ के आगे बेबस लोग अपने गांव छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। रात से ग्रामीणों के सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का सिलसिला जारी है।
 
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सड़कें हुई गुम - फोटो : अमर उजाला
पुरा शिवलाल, पुरा डाल, पुरा भगवान, धांधू पुरा, बीच का पुरा, कएडी, जगतूपुरा, कुंवर खेड़ा, बासौनी, जेबरा, कमौनी, उदयपुर खुर्द, खेड़ा राठौर, महुआशाला, नंदगवां, बाघराज पुरा, कोरथ आदि गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। एसडीएम रतन वर्मा ने बताया कि 38 गांव में बाढ़ का खतरा है।
 

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डूबे हुए घर - फोटो : अमर उजाला
एसडीओ जैतपुर मनमोहन शर्मा ने बताया कि एहतियातन देवपुरा फीडर के गोहरा, रानीपुरा, भटपुरा तथा अभयपुरा फीडर के गुढ़ा गांव की बिजली काट दी गई है। अंधेरे में डूबे इन गांवों के लोगों को वन्यजीवों के हमले का डर सता रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के पानी के साथ घड़ियाल, मगरमच्छ, सांप आदि गली और घरों तक आ जाते हैं।
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टीलों पर पहुंचे लोग - फोटो : अमर उजाला
डीएम प्रभु एन सिंह ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित गांवों के स्कूल मंगलवार को ही बंद करा दिए थे। प्रशासन की टीमें गांवों में डेरा डाल हुए हैं। बाह तहसील में कंट्रोल रूम खोला है। डीएम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों से लोगों को निकाल कर सुरक्षित व ऊंचाई वाले स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। 
 
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उफनाई चंबल - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले बुधवार को बाह विधायक पक्षालिका सिंह और डीएम प्रभु नारायण सिंह ने बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा किया। विधायक और डीएम ने पिनाहट पहुंचकर नदी के जलस्तर का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ प्रभावित इलाकों की जानकारी ली और विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए।
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