आगरा जिले की बाह तहसील के पास स्थित महिला अस्पताल परिसर में सोमवार को दोपहर 12 बजे लोगों ने बबूल के पेड़ से 500 रुपये के नोटों बारिश होती देखी तो बटोरने के लिए टूट पड़े। नजदीक जाकर पता चला कि नोट एक बंदर फेंक रहा था। वह दो-चार नोट फेंकता और छलांग लगाकर एक डाल से दूसरी पर पहुंच जाता। ऐसा तब तक चला जब तक कि पूरी गड्डी (50 हजार रुपये) खत्म नहीं हो गई। बंदर इस गड्डी को एक कार से निकाल कर लाया था। कार में पांच लाख रुपये रखे हुए थे, और उसकी खिड़की खुली थी।