तीन सप्ताह से ज्यादा समय गुजरने के बाद भी डेंगू और वायरल का असर कम नहीं हो रहा है। नवनिर्मित बिल्डिंग में बना वार्ड भी फुल हो गया है। यहां भी एक पलंग पर दो-दो मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में 470 बाल रोगी भर्ती हैं। वहीं जांच में 89 नए बाल रोगियों में भी डेंगू की पुष्टि हुई है। हालांकि किट से आई जांच में 102 बाल रोगियों में डेंगू के प्राथमिक लक्षण मिले। सौ शैय्या अस्पताल और नवनिर्मित बिल्डिंग में बने डेंगू वार्ड से 177 बाल रोगियों को डिस्चार्ज किया गया और 178 नए मरीजों को भर्ती किया गया। तीमारदारों का आरोप है कि तेज बुखार में भी बच्चे को ठीक बताकर डिस्चार्ज किया जा रहा है। वहीं, 80 हजार से एक लाख प्लेटलेट्स कम होने पर भी मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। सबसे ज्यादा मरीज कौशल्या नगर, झलकारी नगर सुदामा नगर, जैन नगर और हिमांयूपुर से आ रहे हैं। इधर, रक्त की जांच कराने के लिए पैथोलॉजी में लंबी-लंबी कतार लग रही हैं।