शहर में पिछले शुक्रवार को हुए उपद्रव में घायल हारुन और मोहम्मद शफीक की दिल्ली में उपचार के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव लेकर परिजन दोपहर बाद फिरोजाबाद के लिए रवाना हुए। देर रात दोनों के शव फिरोजाबाद आए। तड़के दोनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
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शुक्रवार को हुए उपद्रव की फोटो
- फोटो : अमर उजाला
थाना रसूलपुर क्षेत्र के मोहल्ला अशरफगंज निवासी मोहम्मद शफीक (36) पुत्र अब्दुल रशीद कुरैशी के भाई मोहम्मद निसार कुरैशी ने बताया सबसे बड़े भाई (शफीक) शुक्रवार को उपद्रव के परिवार के सदस्यों को घर के अंदर जाने को कह रहे थे। उसी समय गोली लगने से घायल हो गए थे। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए। वहां हालत गंभीर होने पर आगरा ले जाया गया। वहां से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रेफर कर दिया गया। दिल्ली में उपचार के दौरान तड़के ही तीन बजे भाई का इंतकाल हो गया। उन्होंने बताया कि हम दस भाई व दो बहने हैं। मो. सफी के एक बेटी शानियां (15) है। पत्नी रानी बेगम का रो-रोकर बुरा हाल है।
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डेमो
थाना मटसेना क्षेत्र के ग्राम नगला मुल्ला निवासी हारुन (30) पुत्र मशरूम की उपद्रव के दौरान गोली लगने से ही घायल हो गया था। घायल हारुन को उपचार को परिजन तो पहले जिला अस्पताल में लाए थे। हालत गंभीर हो जाने के कारण आगरा रेफर किया था। आगरा से गत दिवस दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार चल रहा था। उपचार के ही दौरान बृहस्पतिवार को सुबह हारुन की मौत हो गई। हारुन की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
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बवाल के दौरान तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
वहीं इससे पहले दिल्ली में ही एक अन्य मौत मुकीम की हुई थी। मुकीम के शव का बुधवार देररात परिजनों एवं पुलिस की मौजूदगी में कब्रिस्तान में दफीना कर दिया गया। मुकीम की मौत होने से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों की मानें तो तीन भाइयों में मुकीम ही सबसे बड़ा व परिवार का सहारा था।
आगरा जोन के एडीजी अजय आनंद, कमिश्नर अनिल कुमार
- फोटो : अमर उजाला
आगरा जोन के एडीजी अजय आनंद, कमिश्नर अनिल कुमार द्वितीय व आईजी आगरा जोन ए सतीश गणेश ने संयुक्त रूप से एसपी सिटी कार्यालय पर हिंदूवादी नेताओं के साथ बैठक की।