आगरा के टीला माईथान में विशंभर नाथ धर्मशाला में खोदे गए बेसमेंट में मिट्टी भरने का काम बृहस्पतिवार तक पूरा हो जाएगा। यूपी मेट्रो और नगर निगम मिलकर बेसमेंट में अब तक दो हजार मीट्रिक टन मिट्टी भर चुके हैं। नगर निगम की पोकलेन मशीन और जेसीबी मंगलवार को माईथान में रैंप बनाने और बेसमेंट में मकानों के किनारे मिट्टी का भराव करने में लगी रही। यहां पर मिट्टी भरकर रैंप बनाने का काम बृहस्पतिवार तक पूरा कर लिया जाएगा। उसके बाद बेसमेंट के किनारे वाले आठ जर्जर मकानों को ध्वस्त करने का काम शुरू किया जाएगा।
नगर निगम के मुख्य अभियंता बीएल गुप्ता ने बताया कि टीला माईथान में खोदे गए बेसमेंट वाली जगह पर मिट्टी का भराव किया जा रहा है। 17 डंपर दिन-रात मिट्टी लेकर आ रहे हैं। जितना बेसमेंट खोदा गया था, उसे मकानों के किनारे पर भरा जा रहा है। रैंप बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। करीब 50 फुट दूरी से रैंप ऊपर तक जाएगी। मिट्टी को कांपेक्ट करने के बाद चार चरणों में सीढ़ीनुमा रैंप बनाई जाएगी। उसे भी पक्का किया जाएगा, जिससे पोकलेन मशीन उस पर जा सके। बृहस्पतिवार तक काम पूरा होने के बाद जर्जर भवनों को तोड़ा जाएगा। इसके लिए सेना और मेट्रो के विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी।
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मिट्टी डालती पोकलैंड मशीन
- फोटो : अमर उजाला
सिटी स्टेशन रोड कर दिया बंद
मंगलवार को सिटी स्टेशन पर रोड पर घटिया आजम खां चौराहे से रास्ता बंद रखा गया। इसके बाद धर्मशाला के पास बैरियर लगाकर वहां पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है। बसंत सिनेमा चौराहे के पुलिस बैरियर हटाकर उन्हें धर्मशाला की ओर शिफ्ट कर दिया गया है और वहां पुलिस फोर्स तैनात कर दिया है केवल मिट्टी लेकर आ रहे डंपरों को प्रवेश दिया जा रहा है।
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हादसे के बाद लोगों में दहशत का माहौल है
- फोटो : अमर उजाला
नक्शे के विपरीत किए जा रहे 62 अवैध निर्माण
टीला माईथान के हादसे के बाद आगरा विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माणों के चिन्हांकन का काम शुरू किया। मंगलवार को एडीए अधिकारियों ने अवैध निर्माणों को चिन्हित कर अपनी रिपोर्ट उपाध्यक्ष को सौंपी। शहर में टीला माईथान के पास और अन्य जगहों पर 138 निर्माण चिह्नित किए गए हैं। इनमें करीब 62 निर्माण अवैध पाए गए हैं। इनके अलावा बड़ी संख्या में ऐसे भी निर्माण मिले हैं जिनका मानचित्र तो स्वीकृत है लेकिन निर्माण मानचित्र के विपरीत कराए जा रहे हैं।
एडीए उपाध्यक्ष चर्चित गौड़ ने बताया कि जांच में ऐसे भवन विशेष तौर पर देखे जा रहे हैं जहां बेसमेंट बनाए जा रहे हैं। शहर में 138 निर्माण चिह्नित किए हैं। इनमें 76 भवनों का मानचित्र स्वीकृत है। 62 निर्माण ऐसे मिले हैं जिनका मानचित्र स्वीकृत नहीं है। नियम विरुद्ध और नक्शा पास किए बिना बनाए जा रहे भवनों को सील करने और ध्वस्तीकरण के निर्देश दिए गए हैं।
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तेजी से चल रहा मिट्टी भरने का काम
- फोटो : अमर उजाला
जिनका हुआ नुकसान, उनकी भरपाई करेगा बिल्डर-ट्रस्टी
टीला माईथान में बेसमेंट की खुदाई जानलेवा साबित हुई। प्रशासन की रिपोर्ट में बेसमेंट के पास के 8 मकान बेहद जर्जर हैं। इन्हें गिराने की सिफारिश इंजीनियरों की कमेटी ने की थी। डीएम नवनीत सिंह चहल ने मंगलवार को बताया कि जिनका नुकसान हुआ है, उन सब की भरपाई बिल्डर और ट्रस्टी से कराई जाएगी। पीडब्ल्यूडी ने 1.58 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया है। मकान गिराने से लेकर मरम्मत तक पूरा खर्च बिल्डर और ट्रस्टी से वसूला जाएगा, जिन्होंने बेसमेंट खुदाई के लिए अनुमति ली थी। पहले जर्जर मकान तोड़े जाएंगे। पूरे खर्च की एक-एक पाई हम वसूलेंगे।
धर्मशाला के बेसमेंट में चल रहा काम, आसपास खड़े लोग
- फोटो : अमर उजाला
प्रशासन कराए हमारे घरों की मरम्मत
टीला माईथान निवासी राजेश कुमार का कहना है कि घर की दीवार में दरारें आ गई हैं। मरम्मत के बाद भी बारिश में खतरा बना रहेगा, फिर कोई अनहोनी हो गई तो कौन जिम्मेदार होगा। हमारा क्या कसूर हैं जिसकी सजा हमें मिल रही है। गिरासू मकानों की तरह हमारे मकानों की भी प्रशासन मरम्मत कराए। टीला माईथान निवासी अनीता वर्मा का कहना है कि जिसकी वजह से नुकसान हुआ, प्रशासन उसी से नुकसान की भरपाई कराए।