जिन बेटों के लिए अपना सब कुछ लुटा दिया उन्हीं बेटों ने दर दर ठोकरें खाने के लिए मजबूर कर दिया। बिहार के रहने वाले 78 वर्षीय सत्यनारायण अग्रवाल का दर्द जुबां पर आ गया। मेरे एक बेटी और दो बेटे हैं। जब पत्नी का देहांत हुआ तब बच्चे बहुत छोटे थे। पत्नी की मौत के बाद मां और पिता की भी जिम्मेदारी आ गई और मैंने उस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है। सुबह खाना बनाकर नौकरी पर जाता था। बच्चों को कभी मां की कमी महसूस न हो इसलिए उनका सारा काम करता था।
विज्ञापन
2 of 5
वृद्धा आश्रम में सत्यनारायण अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
सत्यनारायण अग्रवाल ने कहा कि लोगों के कहने पर भी दूसरी शादी नहीं की। बच्चों को पढ़ाया लिखाया। एक बेटे का खुद का कारोबार है और दूसरा दिल्ली के एक स्कूल में पढ़ाता है। दोनों की शादी की। लेकिन उसके बाद दोनों का रवैया बदल गया। पांच साल से रामलाल वृद्धा आश्रम में रह रहा हूं। कभी कभी छोटे बेटे का फोन आता है। फोन पर ही हाल चाल जान लेते हैं लेकिन अपने साथ घर ले जाने के लिए कभी नहीं कहते।
विज्ञापन
3 of 5
वृद्धा आश्रम में रह रहे महावीर प्रसाद लावानियां
- फोटो : अमर उजाला
रामलाल वृद्धा आश्रम में अकोला के रहने वाले 78 वर्षीय महावीर प्रसाद लावानियां ने दर्द बयां करते हुए बताया कि मैं सरकारी कर्मचारी था, तीन बेटे हैं, तीनों बेटों को अच्छी परवरिश दी। बेटों के बेहतर भविष्य के लिए क्या नहीं किया। एक बेटे को विदेश पहुंचाया लेकिन, अब उन्हें मेरी कोई जरूरत नहीं है। मैंने तो पिता होने का फर्ज निभाया लेकिन बेटों ने मेरे साथ बहुत बुरा किया।
4 of 5
वृद्धा आश्रम में रह रहे उमेश चंद्र अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
नाई की मंडी के रहने वाले 67 वर्षीय उमेश चंद्र अग्रवाल का कहना है कि जिस बेटे के लिए जीवन भर की पूंजी दे दी। उसी बेटे ने मुझे घर से चोरी का इल्जाम लगाकर घर से बाहर निकाल दिया। एकलौता बेटा होने की वजह से कभी उसे किसी चीज की कमी नहीं होने दी।
वृद्धा आश्रम में रह रहे गजेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
हाथरस के रहने वाले 79 वर्षीय गजेंद्र सिंह ने बताया कि खेतों में मेहनत करके बच्चों को पढ़ाया। जब काम करने में असमर्थ हो गया तो घर से बेटों ने मुझे बाहर निकाल दिया। आगरा शिवाजी नगर के रहने वाले 58 साल के राजेश ने बताया कि भगवान की कृपा से पैसे की कोई कमी नहीं थी। बेटे को अच्छी शिक्षा दिलाई। वो सब किया जो एक पिता करता है। आज मेरा बेटा ऑडी गाड़ी में घूमता है लेकिन मेरे लिए घर में रहने के लिए जगह नहीं है।