एंबुलेंस में बीमार किशोरी
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फिरोजाबाद के प्रदीप कुमार अपनी बीमार बेटी ज्योति को एंबुलेंस में लेकर करीब तीन बजे इमरजेंसी पहुंचे। उन्होंने दूसरे तीमारदार को पर्चा बनवाने के लिए काउंटर पर भेज दिया, तब तक मरीज एंबुलेंस में ही रही। इमरजेंसी से फार्मासिस्ट आए और तीमारदार के साथ पर्चा बनवाने के लिए गए। इधर, मरीज की परेशानी बढ़ने लगी, वह दर्द से कराह रही थी, यह देख परिजनों ने भर्ती कराने के लिए वार्ड ब्वॉय से मदद मांगी, लेकिन किसी ने उनको स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया।