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दर्द से कराहती रही बेटी, नहीं मिला स्ट्रेचर, न आया वार्ड ब्वॉय, पिता गोद में लेकर पहुंचा इमरजेंसी वार्ड

Wed, 30 Sep 2020 11:54 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में अपर प्रमुख सचिव के निरीक्षण के बाद भी व्यवस्थाओं में नहीं हुआ सुधार, मरीज और तीमारदारों को हो रही है परेशानी 
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बीमार बेटी को गोद में उठाकर ले जाते प्रदीप कुमार - फोटो : अमर उजाला
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में हालातों में सुधार नहीं हुआ। फिरोजाबाद से आए मरीज को बेड तो मिल गया, लेकिन उसे शिफ्ट कराने के लिए कोई नहीं आया। ऐसे में तीमारदार ने मरीज को गोद में उठाकर इमरजेंसी में भर्ती कराया। एक दिन पहले ही अपर मुख्य सचिव ने एसएन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर मरीजों को परेशानी न होने की हिदायत दी थी। 
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एंबुलेंस में बीमार किशोरी - फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद के प्रदीप कुमार अपनी बीमार बेटी ज्योति को एंबुलेंस में लेकर करीब तीन बजे इमरजेंसी पहुंचे। उन्होंने दूसरे तीमारदार को पर्चा बनवाने के लिए काउंटर पर भेज दिया, तब तक मरीज एंबुलेंस में ही रही। इमरजेंसी से फार्मासिस्ट आए और तीमारदार के साथ पर्चा बनवाने के लिए गए। इधर, मरीज की परेशानी बढ़ने लगी, वह दर्द से कराह रही थी, यह देख परिजनों ने भर्ती कराने के लिए वार्ड ब्वॉय से मदद मांगी, लेकिन किसी ने उनको स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया। 
 
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बीमार बेटी को गोद में उठाकर ले जाते प्रदीप कुमार - फोटो : अमर उजाला
करीब आधा घंटे तक कोई नहीं आया तो प्रदीप कुमार दर्द से कराह रही बीमार बेटी को गोद में उठाकर भर्ती कराने ले गए। मरीज को लगे यूरिन बैग को अन्य तीमारदार ने हाथ से पकड़ रखा था। परिजनों का कहना है कि बेड तो मिल गया, लेकिन गंभीर मरीज को भर्ती कराने में दिक्कत होती है, वार्ड ब्वॉय मदद कर दें तो आसानी हो जाए। 
 

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एसएन मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
एसएन मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में 10 स्ट्रेचर और पांच व्हीलचेयर का गेट पर ही इंतजाम हैं लेकिन वार्ड ब्वॉय या गार्ड इनको मुहैया नहीं कराते। ऐसे में तीमारदार खुद ही मरीज को गोद में या फिर पीठ पर लेकर जाने को मजबूर होते हैं। 
 
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एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला - फोटो : अमर उजाला
प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि गंभीर मरीजों को तत्काल इलाज और भर्ती कराने के लिए कहा है। स्ट्रेचर-व्हीलचेयर की भी अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। गार्ड और वार्ड ब्वॉय को निर्देश दिए गए हैं कि कोरोना वायरस के कारण सावधानी बरतते हुए तीमारदारों को व्हीलचेयर-स्ट्रेचर उपलब्ध कराते हुए भर्ती कराने में मदद करें। 
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