अंगूठी गांव के युवा किसान ओमप्रकाश सोलंकी ने यूट्यूब से सीखी नेपियर घास की खेती को आय का बेहतर माध्यम बना लिया है। वर्ष 2021 में उन्होंने अपने पशुओं के लिए मात्र 10 बिस्वा जमीन में नेपियर घास लगाकर इसकी शुरुआत की थी। बेहतर परिणाम मिलने पर उन्होंने वर्ष 2025 में इसका रकबा बढ़ाकर 10 एकड़ कर दिया। अब वह प्रति एकड़ सालाना करीब दो लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं और इसके तनों (कलम) की आपूर्ति उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात समेत देश के विभिन्न राज्यों तक कर रहे हैं।
ओमप्रकाश सोलंकी ने बताया कि एक एकड़ में नेपियर घास लगाने पर करीब 20 हजार रुपये की लागत आई थी। अब वह इसके तना (कलम) को अहमदाबाद, गाजीपुर, वाराणसी, प्रयागराज, देहरादून, मेरठ, मुरादाबाद और बुलंदशहर समेत कई शहरों में ट्रेन और बस के माध्यम से भेज रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह न्यूनतम एक हजार कलम का ऑर्डर लेते हैं और एक हजार कलम दो हजार रुपये में उपलब्ध कराते हैं। वहीं, कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी के पशुपालन विशेषज्ञ धर्वेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि नेपियर घास (पेनीसेतुम पुर्पुरम) एक बारहमासी उष्णकटिबंधीय चारा फसल है और गर्म जलवायु में इसकी वृद्धि अच्छी रहती है।