फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra: सड़क पर तड़पता रहा घायल किसान, किसी ने नहीं की मदद, बेटी बोली- पिता को मार डाला

Tue, 18 Oct 2022 12:45 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
विज्ञापन
1 of 5
मृतक का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
आगरा के बाह के गांव प्रतापपुरा में सोमवार शाम को किसान अवनीश शर्मा (54) सड़क पर लहूलुहान पड़े मिले। बताया गया है कि काफी देर तक किसान सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन मदद के लिए कोई आगे नहीं बढ़ा। सूचना पर परिजन और पुलिस मौके पर पहुंच गई। बेटी उनको पुलिस की मदद से अस्पताल ले गई, जहां मृत घोषित कर दिया गया। सिर में चोट के निशान थे। बेटी ने रंजिशन हत्या का आरोप लगाया। मगर, देर रात तक तहरीर नहीं दी। पुलिस इसे हादसा मान रही है। 

ये है मामला 

गांव प्रतापपुरा निवासी अवनीश शर्मा सोमवार शाम 5 बजे बाजार से घर लौटे थे। वह बाइक खड़ी करने के बाद गांव के ही भोले की दुकान पर सामान लेने गए थे। बेटी ने बताया कि कुछ लोगों ने उनको घर पहुंचकर बताया कि अवनीश सड़क पर पड़े हैं। उनके सिर में चोट है। हमला बोला गया है। इस पर वो पहुंच गई। एक घंटे बाद पहुंची पुलिस की मदद से अस्पताल लेकर गईं, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। 
विज्ञापन

2 of 5
विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला

मामले की हो रही जांच 

उधर, एसपी ग्रामीण पूर्वी सोमेंद्र मीणा का कहना है कि मामला हादसे का बताया गया है। जांच की जा रही है। तहरीर के आधार पर मुकदमा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। परिवार में पत्नी शशिकांता, 5 बेटियां और 3 बेटे हैं। बड़ा बेटा विजय दिल्ली में नौकरी करता है। पुलिस उसका इंतजार कर रही है।
विज्ञापन

3 of 5
मृतक किसान का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

वर्ष 2013 में हुई हत्या में नामजद थे 

परिजन ने पुलिस को बताया कि अवनीश शर्मा पर फरवरी 2013 में बाजार में हमला बोला गया था। वह दूध बांटने गए थे। तभी कुछ लोगों से विवाद हो गया था। इस दौरान हुई फायरिंग में गांव के हरिमोहन की जान चली गई थी। इसमें अवनीश को नामजद किया था। वह जेल भी गए थे। 

4 of 5
किसान की बेटी - फोटो : अमर उजाला

मदद के लिए नहीं आया कोई

अवनीश सड़क पर खून से लथपथ पड़े थे। बेटी शालिनी और पत्नी शशिकांता पहुंचीं। उन्होंने अस्पताल ले जाने के लिए लोगों से मदद मांगी। मगर, कोई मदद करने नहीं आया। गांव के लोग घरों से बाहर नहीं आए। इस पर शालिनी ने पुलिस को फोन किया। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
किसान के परिवार के लोग - फोटो : अमर उजाला

तब तक हो चुकी थी मौत 

पुलिस के पहुंचने के बाद सीएचसी लेकर गई। तब तक मौत हो चुकी थी। बेटी का कहना था कि पिता को समय पर अस्पताल पहुंचा देते तो जान बच सकती थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें